Kavyendu Bhachech
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First Language
Gujarati
Second Language
English

Kavyendu Bhachech's Blog

Feeling of Missing of the country by the Immigrants.

Posted on May 22, 2013 at 9:17am 9 Comments

 

એક પ્રશ્ન છે, 
દેશની બહાર રહેનાર વ્યક્તિઓમાં દેશને Miss કરવાની જે લાગણી થાય છે એને માટે કોઈ શબ્દ ખરો? વિરહ કે વિયોગ અર્થમાં કશે બેસતા નથી, આ miss કરવાની લાગણી છે, જેમાં દુખ કે શોકની આગની નથી, ફક્ત યાદો અને સંસ્મરણો, મિત્રો વ, ના સંપર્કનો અભાવ જ છે, મારા જાણવા પ્રમાણે અંગ્રેજીમાં પણ કોઈ શબ્દ નથી, મેં સુશ્રી આરતીબેનને પણ પૂછ્યું, તેઓએ online પણ તપાસ કરી પરંતુ યોગ્ય  ભાવ  એક શબ્દ મળ્યો  નહિ, આપ શું આ વાત પર કોઈ પ્રકાશ પાડી શકશો? 
આને લાગતો કોઈ શબ્દ…
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Footsteps in the Sand.

Posted on May 7, 2013 at 6:46pm 0 Comments

“Footsteps In The Sand”

One night a man had a dream.He dreamed he was walking along the beach with the Lord.

Across the dark sky flashed scenes from his life. For each scene, he noticed two sets of footprints in the sand, one belonging to him and the other to the Lord.

When the last scene of his life flashed before him,he looked back at the footprints in the sand. He noticed that many times along…

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એક થનારી પત્નીની ખ્વાઇશ---

Posted on May 2, 2013 at 5:51am 0 Comments

चाँद तारोंको वह तोड़कर लानेवाला हो 

थोडासा हेंडसम और जोरुका गुलाम, साला हो 
में सुबह देरसे उठकर आँख खोलू तो 
उसके होंठोपे गुडमोर्निंग और 
हाथमे चायका प्याला हो,
मेरे नखरे उठाएगा मुजे शोपिंग करवायेगा 
कभी सोनेका तो कभी हीरोका नेकलेस दिलाएगा 
चाहे उसके पास खुदके बनियान के पैसे न हो 
मगर मेरे लिए रोज बनारसी साडी लाएगा,
हाथ पैर भी कुछ दबाना आता हो 
मिज़ाज से हो शायर…
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घर के बड़ों को भी सिखाएँ कम्प्यूटर

Posted on May 2, 2013 at 4:36am 0 Comments

घर के बड़ों को भी सिखाएँ कम्प्यूटर

प्रो. सरन घई, संस्थापक, विश्व हिंदी संस्थान, कनाडा

इन दिनों मेरी बहुत से कवियों, साहित्यकारों और रचनाकारों से बात होती रहती है। इनमें बहुत से बुजुर्ग उम्र के भी होते हैं। बड़ी खुशी होती है जब वे लोग कहते हैं कि घई साहब, आप दो मिनट दीजिये, हम अभी आप को कविता ई-मेल कर देते हैं। मन में एक खुशी का अहसास होता है कि इन्होंने बुजुर्गियत को कंबल की तरह ओढ़ कर नहीं रखा है बल्कि जमाने के साथ कदम से कदम मिला कर चल रहे हैं। यदि…

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Blog Posts

प्यार का रिश्ता

Posted by Monica Sharma on January 7, 2021 at 6:50pm 0 Comments

शानदार रिश्ते चाहिए

तो उन्हें गहराई से निभाएं

भूल होती है सभी से

पर अपनों के ज़ख्मों पर मरहम लगाए

तेरी मीठी सी मुस्कान

दवा सा असर दिखाती है

कंधे पर रख कर सिर

जब तू मुझे समझाती है

ग़म की गहरी काली रात भी

खुशनुमा सुबहों में बदल जाती है

मैं साथ हूं तेरे ये बात जब तू दोहराती है

मिस्री सी जैसे मेरे कानों में घुल जाती है

सुनो। कह कर जब बहाने से तू मुझे बुलाती है

मेरे" जी" कहने पर फिर आंखों से शर्माती है

बिन कहे तू जब इतना प्यार…

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मेरा सच

Posted by Monica Sharma on January 7, 2021 at 6:30pm 0 Comments

जवाब दे सको शायद

ये तेरे लिए मुमकिन ही नही

मगर इंतजार पर आपके

बस हक़ है मेरा

बिन कहे तेरी आंखों को पढ़

ले जिस दिन

समझो इश्क़ मुकमिल हुआ मेरा उस दिन

हसरत है तेरी ज़रूरत नहीं ख्वाहिश बन जाएं

जिद है मेरी हर सांस पे तेरा नाम आए

जिस दिन देख मेरी आंखों की नमी

तुझे महसूस हो जाएं कहीं मेरी कमी

मेरे सवाल तुमसे जुड़ने का बहाना है

वरना हमें भीड़ में भी नही ठिकाना है

जीते है तुझे खुश करने को हम

तेरे आंगन में खुशियों के रंग भरने को…

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एक सच

Posted by Monica Sharma on December 4, 2020 at 2:12pm 0 Comments

तुम से लड़ते हैं के मेरे
लिए "ख़ास" हो तुम ।
अपने ना होते तो"हार"
कर जाने देते तुम्हें ।
हक़ जताते है तुम पर
क्युकिं
हक़ दिया है तुमने
बेवजह तो इजाज़त"अश्कों"
को भी नही देते हुए हम

मोनिका शर्मा

ज़िंदगी ......!

Posted by Jasmine Singh on December 2, 2020 at 11:02pm 0 Comments

ज़िंदगी एक अंधेरे बंद कमरे सी लगने लगी है !

यहां से बाहर जाने का दरवाज़ा तो है,

पर पता नहीं किस तरफ कितनी दूर,

और उसकी चाबी का भी कुछ पता नहीं !

वो भी मेरी तरह इस अंधेरे में गुम पड़ी है कहीं !

रोशनी का एक कतरा भी अंदर आ पाता नहीं !

इसलिए वक़्त का कुछ अंदाज़ा हो पाता नहीं !

कायम रहता है तो बस अंधेरा बस खामोशी ,

और मेरी हर पल तेज होती धड़कन ,

जैसे जैसे धड़कन बढ़ती है ये घबराहट भी और बढ़ती है,

और ये अंधेरा जैसे और काला हुआ जाता है ,

जैसे…

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तुझको लिखती रहूंगी मैं, तुझको जीती रहूंगी मैं !

Posted by Jasmine Singh on December 2, 2020 at 9:41am 0 Comments

तुझे लिखती रहूंगी मैं

तेरे प्यार की स्याही में

अपनी कलम को डुबो कर

इस ज़िंदगी के पन्नों पे

तेरे साथ जिये लम्हों को

कविताओं में बुनकर

तुझको लिखती रहूंगी मैं

तुझको जीती रहूंगी मैं

तू वो है जो मेरे साथ है

और मेरे बाद भी रहेगा

कभी किसी के होठों में हंसेगा

किसी की आंखों से बहेगा

किसी अलमारी के पुराने

दराज की खुशबु में महकेगा

किसी की आंखों की गहराई

जब जब मेरे शब्दों में उतरेगी

तब तब मेरे बाद तुझे पढ़ने वालों के…

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Distance

Posted by Jasmine Singh on November 28, 2020 at 10:36pm 0 Comments

Your absence always silenced the distance
Perhaps it was your presence in the distance
I wonder how will I cover this distance
May be this distance is not the distance
Actually responsibilities are the distance
One day we will swim across this distance
We will float on love and mock this distance
Hail and hearty we stay away from the distance
I pray no one gets to experience the distance
©Reserved by Jasmine Singh

प्रेम

Posted by Monica Sharma on November 27, 2020 at 8:00pm 0 Comments

ये प्रेम और परवाह की,
कवायद भी अजीब है।
पाया नही है जिसको,उसे
खोना भी नही चाहते
हो ना सके तेरे जो,
किसी और के भी होना नही चाहते
हमें इश्क़ है तुमसे, ये ज़माने को दिखाएंगे
तेरी ख़ामोशी को अपने ,बोल हम बनाएंगे
मोहब्बत आज भी तुझसे है,कल भी करेंगे
अपनी आख़िरी सांस तक,
हम मोहब्बत ही निभायेगे
तेरे सजदे में एक बार नही
सौ बार सर झुकाएंगे
अगर सच्ची है मोहब्बत मेरी,
तो सातों जन्म हम तुम्हें पाएंगे....

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