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साँसे

साँसे-कितनी बार उलझी हैंये तुम्हारी धड़कनों मेंवो किस्सा याद है जबतुम्हारी शर्ट की बटनसे ये उलझ के अटकगई थी और साँसों कोसुलझाने के चक्कर मेंटूट गई आज भी वोसांसो में उलझी हुईबटन मेरे पास है...See More
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Firdous's Blog

साँसे

Posted on August 28, 2020 at 2:16pm 0 Comments

साँसे-

कितनी बार उलझी हैं

ये तुम्हारी धड़कनों में

वो किस्सा याद है जब

तुम्हारी शर्ट की बटन

से ये उलझ के अटक

गई थी और साँसों को

सुलझाने के चक्कर में

टूट गई आज भी वो

सांसो में उलझी हुई

बटन मेरे पास है...

रोटी

Posted on August 27, 2020 at 11:44am 1 Comment

रोटी-

थाली में रोटी और

आसमान में चाँद

एक जैसे ही दीखते

हैं, दोनों गोल हैं,धब्बे

भी दोनों पर हैं, रोटी 

हर रोज़ थाली में उगती है

और चाँद आसमान पर,

फ़र्क़ बस इतना है रोटी

पेट का अँधेरा 

बुझाती है और चाँद

रात का ...

सुसाइड

Posted on August 23, 2020 at 10:35am 0 Comments

सुसाइड-

आज वो सब कुछ देख रहा

था, घर की दीवारें खिड़की

पर पड़ा पर्दा, दरवाज़े की

दरार से आती धुप किताबों

पर जमी धुल, वाज़ में सूख रहे

फूल, टेबल पर रखी फैमिली

फोटो, अपने सुख चुके मन

पे, वो यादों के छींटे बार

बार मार रहा था, पर उसका

चंचल मन पिछले कई महीनों

से,पार्थिव शरीर में बदल रहा था,

अंदर से वो कबका सब कुछ त्याग

चूका था, केवल शरीर ही बचा था,

वो यह देख सकते में आ गया, और

बौखलाकर अपनी आत्मा को ढूंढ़ने लगा,

जब हताशा…

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चाय

Posted on August 21, 2020 at 2:50pm 0 Comments

चाय-

पहले कोई खास दिल्लगी

नहीं थी इनसे, पर आज कल

अकेलेपन को भर रही है,

जब कोई दिल की

सुनने वाला नहीं होता,

तो सोचते हैं कुछ चुस्कियों

से ही गप कर ली जाए,

जब बैठे-बैठे मन उकता

जाता है, एक दम से इसका 

ख्याल आता है, मैं किसी

आशिक़ सा छटपटा जाता

हूँ, इसे पाने की फ़िराक़ लिए

कदम बढ़ाता हूँ, और जैसे

ही ये मेरे सामने आती है,

मैं होंठों पे मुस्कान लिए

जैसे शर्मा जाता हूँ, मेरे लब

इन्हें देखते हैं, और ये मेरी

तलब,…

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Blog Posts

Let me kiss you !

Posted by Jasmine Singh on April 17, 2021 at 2:07am 0 Comments

वो जो हँसते हुए दिखते है न लोग अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है पराये अहसासों को लफ़्ज देतें है खुद के दर्द पर खामोश रहते है जो पोछतें दूसरे के आँसू अक्सर खुद अँधेरे में तकिये को भिगोते है वो जो हँसते…

Posted by Pooja Yadav shawak on March 24, 2021 at 1:54pm 0 Comments

वो जो हँसते हुए दिखते है न लोग
अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है
पराये अहसासों को लफ़्ज देतें है
खुद के दर्द पर खामोश रहते है
जो पोछतें दूसरे के आँसू अक्सर
खुद अँधेरे में तकिये को भिगोते है
वो जो हँसते हुए दिखते है लोग
अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है

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मेरी जिंदगी

Posted by Monica Sharma on March 23, 2021 at 11:54am 0 Comments

पंच तत्व

Posted by Sakshi garg on February 16, 2021 at 11:18pm 0 Comments

जब मुझे पता चला कि तुम पानी हो
तो मै भीग गया सिर से पांव तक ।

जब मुझे पता चला कि तुम हवा की सुगंध हो
तो मैंने एक श्वास में समेट लिया तुम्हे अपने भीतर।

जब मुझे पता चला कि तुम मिट्टी हो
तो मै जड़ें बनकर समा गया तुम्हारी आर्द्र गहराइयों में।

जब मुझे मालूम हुआ कि तुम आकाश हो
तो मै फैल गया शून्य बनकर।

अब मुझे बताया जा रहा है कि तुम आग भी हो•••
तो मैंने खूद को बचा कर रख है तुम्हारे लिए।

तुम !

Posted by Jasmine Singh on February 16, 2021 at 7:23pm 0 Comments

Posted by Monica Sharma on January 30, 2021 at 10:38am 0 Comments

Posted by Monica Sharma on January 29, 2021 at 6:07pm 0 Comments

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