radhika patel
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radhika patel's Discussions

यादों का खज़ाना

Started this discussion. Last reply by yessica andrea Apr 8, 2014. 1 Reply

यादोंके खजाने पे बेठा एक साप,यादो के खजाने मे खट्टे-मीठे फल ;मैं खाना तो चाहू,पर कैसे मैं जाऊ ...?खज़ाने पे बेठा एक ज़हेरिला साप....!!!खजाने में छुपे हुवे.....कुछ चमकीले लम्हे, कुछ सुनहरे पल;कुछ…Continue

 

radhika patel's Page

Profile Information

First Language
Gujarati
Second Language
Hindi
Interests
Writing poems,song composition.

Radhika patel's Blog

poetic short story -radhika patel

Posted on August 11, 2016 at 8:47pm 0 Comments

gazalvishvama thi ek gazal :)

Posted on August 11, 2016 at 8:43pm 0 Comments

સૂર્ય ઉગે છાતીમાં...

Posted on June 14, 2013 at 9:17am 0 Comments

મારી ભીતર ડૂબું હું,સૂર્ય ઉગે છાતીમાં.

અંતરમાંથી ઉગે કોઈ,ઝળહળ એની ક્રાંતિમાં



એક જ્યોતની દોર થકી-હું મને લઉં તારી;

ફરી મને ડુબાડું હું, ઘૂમ્યા કરું સંક્રાંતિમાં.



ભસ્મીભૂત થઈને વિખરાય જાઉં માટીમાં;

ફરી-ફરી ઉગુ હું ,મારીજ નવી પ્રજાતિમાં.



અજવાળું થોડું લઇને,નીકળ્યો તારી શોધમાં;

ખુદને મળી ગયો હું,નવા સ્વરૂપે ઉત્ક્રાંતિમાં…

Continue

ek geet which is beautifully composed by me..

Posted on June 11, 2013 at 9:35am 0 Comments



ના મેં બાંધી,

ના તે બાંધી,

પ્રેમની આ ડોર-

મેળે-મેળે બંધાણી…..

મેળે-મેળે બંધાણી……

તે ખુબ ખેંચી,

મેં ઘણી’ય તાણી,

પ્રીતની આ ગાંઠ-

વધુ-વધુ ગૂંચવાણી….

ના છૂટી-ના છોડાણી …..

ના તે બાંધી…..ના મેં બાંધી..

.

આંખોથી આંખોમાં બાણ એવા છૂટ્યા;

હ્રીદયથી હ્રીદયમાં કામણ જેવા ખુંપ્યા….

ના તે મારી -ના મેં…

Continue

Comment Wall (3 comments)

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At 12:21am on August 5, 2016, NITA.M.SHAH said…

 Hi Radhika,

                     nothing to say,

                     just love your poetries

At 7:29pm on April 17, 2013, krunal said…

Thanks.....

At 7:30pm on March 8, 2013, kiran dhiren jogidas said…

khoob saras.........!!!!!!!!

 
 
 

Blog Posts

पंच तत्व

Posted by Sakshi garg on February 16, 2021 at 11:18pm 0 Comments

जब मुझे पता चला कि तुम पानी हो
तो मै भीग गया सिर से पांव तक ।

जब मुझे पता चला कि तुम हवा की सुगंध हो
तो मैंने एक श्वास में समेट लिया तुम्हे अपने भीतर।

जब मुझे पता चला कि तुम मिट्टी हो
तो मै जड़ें बनकर समा गया तुम्हारी आर्द्र गहराइयों में।

जब मुझे मालूम हुआ कि तुम आकाश हो
तो मै फैल गया शून्य बनकर।

अब मुझे बताया जा रहा है कि तुम आग भी हो•••
तो मैंने खूद को बचा कर रख है तुम्हारे लिए।

तुम !

Posted by Jasmine Singh on February 16, 2021 at 7:23pm 0 Comments

Posted by Monica Sharma on January 30, 2021 at 10:38am 0 Comments

Posted by Monica Sharma on January 29, 2021 at 6:07pm 0 Comments

इस बात से डर लगता है

Posted by Monica Sharma on January 24, 2021 at 11:02pm 0 Comments

रूठ जाने को दिल चाहता है

पर मनाओगे या नही

इस बात से डर लगता है

आंखों से बहते है झरने से आंसू

तुम हंसाओगे या नही

इस बात से डर लगता है

कहते हो मुझ में खूबी बहुत है

गले से लगाओगे या नही

इस बात से डर लगता है

इंतज़ार पर तेरे तो हक़ है मेरा

पर इस राह से आओगे या नही

इस बात से डर लगता है

ज़ख़्म इतने है के दिखा ना सके

मरहम लगाओगे या नही

इस बात से डर लगता है

तेरे लिए मौत को भी गले लगा ले

आखिरी पल देखने आओगे या नही

इस…

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प्यार का रिश्ता

Posted by Monica Sharma on January 7, 2021 at 6:50pm 0 Comments

शानदार रिश्ते चाहिए

तो उन्हें गहराई से निभाएं

भूल होती है सभी से

पर अपनों के ज़ख्मों पर मरहम लगाए

तेरी मीठी सी मुस्कान

दवा सा असर दिखाती है

कंधे पर रख कर सिर

जब तू मुझे समझाती है

ग़म की गहरी काली रात भी

खुशनुमा सुबहों में बदल जाती है

मैं साथ हूं तेरे ये बात जब तू दोहराती है

मिस्री सी जैसे मेरे कानों में घुल जाती है

सुनो। कह कर जब बहाने से तू मुझे बुलाती है

मेरे" जी" कहने पर फिर आंखों से शर्माती है

बिन कहे तू जब इतना प्यार…

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मेरा सच

Posted by Monica Sharma on January 7, 2021 at 6:30pm 0 Comments

जवाब दे सको शायद

ये तेरे लिए मुमकिन ही नही

मगर इंतजार पर आपके

बस हक़ है मेरा

बिन कहे तेरी आंखों को पढ़

ले जिस दिन

समझो इश्क़ मुकमिल हुआ मेरा उस दिन

हसरत है तेरी ज़रूरत नहीं ख्वाहिश बन जाएं

जिद है मेरी हर सांस पे तेरा नाम आए

जिस दिन देख मेरी आंखों की नमी

तुझे महसूस हो जाएं कहीं मेरी कमी

मेरे सवाल तुमसे जुड़ने का बहाना है

वरना हमें भीड़ में भी नही ठिकाना है

जीते है तुझे खुश करने को हम

तेरे आंगन में खुशियों के रंग भरने को…

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