Nagma Nigar
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Started this discussion. Last reply by Sakshi garg Aug 30. 8 Replies

My question is that if you leave someone special and that person don't want that you that leave his/her. For this reason, that person become angry, proudy, bad boy/girl. This spoils his/her life. You…Continue

 

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Geeta Negi liked Nagma Nigar's blog post Kaha koi ahsaso ko samajh pate hai...
Sep 1
Nagma Nigar posted a blog post

Kaha koi ahsaso ko samajh pate hai...

हर सवाल का ज़वाब लब्जो में ढूंढ़ते है...सुलझने की जगह और भी उलझते है...कोई बता दो उन्हें...कुछ बाते एहसासों में भी छुपे होते है...फिर खयाल आया...रहने दो...कहा कोई एहसासों को समझ पाते है...See More
Sep 1
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Sep 1
Sakshi garg replied to Nagma Nigar's discussion One question
"Welcome. Moreover agar koi bhi ek aisa insan ho jisse wo apne dil ki baat kr sake to bad habits se to wo thoda time le k theek ho jayega but most importantly wo depressed nahi hoga.. isliye uske kisi closest friend se hi baat krna."
Aug 30
Pooja Upadhyay liked Nagma Nigar's discussion One question
Aug 30
Nagma Nigar replied to Nagma Nigar's discussion One question
"Yaa. That's a good idea! Thanks "
Aug 30
Sakshi garg replied to Nagma Nigar's discussion One question
"If that person does not mind then try to reach out to the closest friend of that person... Bcz jo koi nahi kr skta wo sirf ek dost hi kr sakta h."
Aug 29
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Aug 29
Sonia garg liked Nagma Nigar's blog post वो बाते अधूरी ही रह गई...
Aug 29
Nagma Nigar liked Geeta Negi's blog post वो मज़्ज़ा अकेले खाने में कहाँ, जो मिठाई बाँट के खाने में है! मिठास बढ़ जाती उस की, गर उससे तुम शेयर कर के खाते  !!
Aug 29
Nagma Nigar replied to Nagma Nigar's discussion One question
"But that's the condition u can't talk to that person directly. Then how can u console being friendly??  "
Aug 29
Sakshi garg replied to Nagma Nigar's discussion One question
"That person has just lost you.. may be its not too easy for that person to face the situation and handle it.. in that case just try to be friends with that person and try to console being friendly."
Aug 28

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Nagma Nigar's Blog

Kaha koi ahsaso ko samajh pate hai...

Posted on September 1, 2020 at 8:37pm 0 Comments

हर सवाल का ज़वाब लब्जो में ढूंढ़ते है...

सुलझने की जगह और भी उलझते है...

कोई बता दो उन्हें...

कुछ बाते एहसासों में भी छुपे होते है...

फिर खयाल आया...

रहने दो...…

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वो बाते अधूरी ही रह गई...

Posted on August 28, 2020 at 8:21pm 0 Comments

वो बातें अधूरी ही रह गई...

वो कल जरूरी थी या नहीं,

आज जरूरी सी लग रही,

पर क्या करे,

वो बाते अधूरी ही रह गई...

सिर्फ लब्जो की ही नहीं,

जज्बातों की भी हो गई थी कमी,

पर क्या करे,

वो बाते अधूरी ही रह गई...

"सफ़र"

Posted on August 27, 2020 at 8:27pm 2 Comments

आया है नसीब में जब सफ़र, 

तो इसे लाज़वाब बनाएंगे।

मुस्किलो  में तो दुनिया घबराती ही है,

हम तो काटो में भी मुस्कुराएंगे।।

हाथो से यू ही ना फिसल जाए,

वक़्त से हर…

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अधूरापन...

Posted on August 21, 2020 at 4:52pm 0 Comments

टूटा नहीं है पर अधूरा है दिल,

' ये सफर ' जितना था नहीं उतना होगया मुश्किल।

सब अधूरेपन का कमाल है,

जो भी किया वो बेमिशाल है।

शायद ये होना जरूरी था,

अब ताकत बन गया है जो प्यार मेरी कमजोरी था।

शायद इस सागर का नहीं कोई साहिल,

और इस बूंद की नहीं कोई मंजिल।

टूटा नहीं है पर अधूरा है…

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Blog Posts

શું? આ છે જિંદગી !

Posted by Sonu on October 15, 2020 at 7:36pm 0 Comments

મૃગ તરસે જળ દોડી દોડી હાથધર્યું ઝાંઝવાનીર, માનવ ભૂખ્યો પ્રેમનો મથામણ કરી પામ્યો વહેમ 

શું? આ છે જિંદગી !

રોણુ જન્મ ને મરણ સમયે સમાન મનોવ્યથા, આંતરીક ગુપશુપ ચાલી રહી ભીતર

શુ ? આ છે જિંદગી !

રાજકુમારો ને મહેલોના સપનામાં  રાચતા, આંખો ખુલી અરે ! આતો મૃગજળસમું સ્વપ્નલોક

શુ? આ છે જિંદગી !

મુખપર હસી ઠીઠોલી, મનમાં કરોડો તરંગ ઉછળે! વિચારે તો જાણે ઘેરો ઘાલ્યો

શુ? આ છે જિંદગી !

ભોરથતા આશબંધણીકાલે નહીતો આજે, હશે પિયુ સંગ સ્નેહમિલન પણ આતો…

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तुझको लिखती रहूंगी मैं !

Posted by Jasmine Singh on October 15, 2020 at 1:22am 0 Comments

तुझे लिखती रहूंगी मैं

तेरे प्यार की स्याही में

अपनी कलम को डुबो कर

इस ज़िंदगी के पन्नों पे

तेरे साथ जिये लम्हों को

कविताओं में बुनकर

तुझको लिखती रहूंगी मैं

तुझको जीती रहूंगी मैं

तू वो है जो मेरे साथ है

और मेरे बाद भी रहेगा

कभी किसी के होठों में हंसेगा

किसी की आंखों से बहेगा

किसी अलमारी के पुराने

दराज की खुशबु में महकेगा

किसी की आंखों की गहराई

जब जब मेरे शब्दों में उतरेगी

तब तब मेरे बाद तुझे पढ़ने वालों के…

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इल्ज़ाम ए इश्क़

Posted by Monica Sharma on October 14, 2020 at 9:12pm 0 Comments

धीरे-धीरे सब दूर होते गए

वक़्त के आगे मजबूर होते गए

रिश्तों में हमने ऐसी चोट खाई की

बस हम बेवफ़ा और सब बेकसूर होते गए

इल्ज़ामों की श्रृंखला बड़ी लंबी थी साहेब

वो लगाते गए हम मुस्कुराते गए

अपनी झुकी हुई भीगी पलकों के नीचे

जख्म ए इश्क़ हम छुपाते चले गए

बरसों किया इंतजार हमने

तेरी मीठी सी मुस्कान का

पर बेरहम तुम नजरों से

कत्ल करने को खंजर चलाते गए

जिक्र ए इश्क़ जो कभी सुनाई दे

जुबां पे तेरा नाम और

नज़रों में तेरा अक्स दिखाई…

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आसमान से ऊंचा

Posted by Sakshi garg on October 14, 2020 at 10:16am 1 Comment

अक्सर सिर की छत बन कर धूप और बारिश से बचा लेता है पिता...

यूं ही नहीं उसे आसमान से भी ऊंचा कहते ।

दो बातें

Posted by Sakshi garg on October 14, 2020 at 10:13am 0 Comments

कुछ बातें इन दो कारणों से भी तकलीफ दे देती हैं : 

1• काश ! ये सब सच होता ।;

2• काश ! ये सब झूठ होता ।

पिता

Posted by Sakshi garg on October 10, 2020 at 9:02pm 0 Comments

मुझे रखा छांव में, खुद जलते रहे धूप में...

हां मैंने देखा है फरिश्ता अपने पिता के रूप में ।।

भ्रम

Posted by Monica Sharma on October 5, 2020 at 11:27pm 0 Comments

बड़ा गुरूर था हमें अपनी मोहब्बत पर
भ्रम तो तब टूटा जब तेरे वजूद में
अपने लिए जगह भी न मिली
सोचा था तेरे दिल में जगह बना ली है
हकीकत तो तेरी यादों में भी ना थे हम
बड़े बड़े तूफ़ान ना हिला सके हमें
तेरी ख़ामोशी ने झकझोर दिया
उम्मीद न रही तेरे प्यार की जब
लगा जैसे अपनों ने ही मुंह मोड़ लिया
जी रहे थे जिंदगी किसी भ्रम में हम
अब तो उस भ्रम ने भी साथ छोड़ दिया

मुझे दुख है !

Posted by Jasmine Singh on October 3, 2020 at 12:41am 0 Comments

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