Janak Desai
  • Male
  • Mountainside, NJ
  • United States
Share

Janak Desai's Friends

  • Rekha M Shukla
  • Sanket thakkar
  • govind mandani
  • Mahesh mehta
  • Lagani Vyas
  • Aziz Theba
  • Ashok Khant
  • Noopur Shah
  • M. Rizawan
  • Gazals
  • Harsh Jd
  • Chandrakant Manani
  • Anil Chavda
  • LAXMI DOBARIYA
  • Gitesh Mehta
 

Janak Desai's Page

Profile Information

First Language
English, Gujarati
Second Language
Hindi
Interests
portry

Janak Desai's Blog

પ્રણય-પોથી:

Posted on June 19, 2015 at 6:30am 0 Comments

खोज

Posted on June 13, 2015 at 1:54am 0 Comments

ढूँढता था, पर मिल न पाय

दूरियां न होते भी दीवारों के दरम्यान,

थकन भी अजीब, एक कदम न चला मैं!

फिर भी...

एक अरसा लग गया, और थक गया मैं ढूँढ़ते,

दीवारें भी थक गइ होगी, के खडी न रह सकी...

गिरी भी ऐसे के चूर हो गइ, गिरते गिरते.



आँधी तो उठनी ही थी..

एक उठी, रात के अँधेरे में,

उठा के ले गइ, सबकुछ, पल दो पल में,

आँखे मेरी सुर्ख, थकन से बँध, नींद आ गइ होगी!



कोइ एक सुबह ने जगाया मुझे, लगता है..

आँखो में उजाला और पैरों में जोश लिए उठा… Continue

વર્તન મધ્યાહનું, એ

Posted on May 29, 2015 at 9:23pm 0 Comments

ટપક્યું તે એક, 

પછી ટપક્યું અનંત..., જાણે 

વર્તન મધ્યાહનું એ, ગમ્યું એને અજાણે, 

શ્યામલ રે ચોળી ‘ને પ્રસ્વેદિત છોરી

જે હંફાવવા વાયરાને, લટ રે ઉલાળે; 



છેડલોય અંગેથી એનો, ટપક્યો તો હારે 

ઓલ્યો વાયરોય ઉનો હોય બેશર્મી જાણે... 

… ફાટફાટફાટ એનું અંગ રે ઉઘાડે;



‘ને શેરી ને નાકે ઊભો છોરો છોગાળો,

અવની, જેમ ઊંડેથી તલસ પોકારે

તેમ, ભીતરને આંખ્યુથી ઉછાળે…,…

Continue

કેડી

Posted on May 19, 2015 at 12:00am 0 Comments

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Facestorys.com to add comments!

Join Facestorys.com

At 7:22pm on March 8, 2015, Rekha M Shukla said…

વેદનાને ય અંતે વેદના થાય છે,
પૂછે હવે: 'કાં મને અવગણાય છે?'

જનક મ. દેસાઈ

YouTube Sidebar Widget

 
 
 

Blog Posts

पंच तत्व

Posted by Sakshi garg on February 16, 2021 at 11:18pm 0 Comments

जब मुझे पता चला कि तुम पानी हो
तो मै भीग गया सिर से पांव तक ।

जब मुझे पता चला कि तुम हवा की सुगंध हो
तो मैंने एक श्वास में समेट लिया तुम्हे अपने भीतर।

जब मुझे पता चला कि तुम मिट्टी हो
तो मै जड़ें बनकर समा गया तुम्हारी आर्द्र गहराइयों में।

जब मुझे मालूम हुआ कि तुम आकाश हो
तो मै फैल गया शून्य बनकर।

अब मुझे बताया जा रहा है कि तुम आग भी हो•••
तो मैंने खूद को बचा कर रख है तुम्हारे लिए।

तुम !

Posted by Jasmine Singh on February 16, 2021 at 7:23pm 0 Comments

Posted by Monica Sharma on January 30, 2021 at 10:38am 0 Comments

Posted by Monica Sharma on January 29, 2021 at 6:07pm 0 Comments

इस बात से डर लगता है

Posted by Monica Sharma on January 24, 2021 at 11:02pm 0 Comments

रूठ जाने को दिल चाहता है

पर मनाओगे या नही

इस बात से डर लगता है

आंखों से बहते है झरने से आंसू

तुम हंसाओगे या नही

इस बात से डर लगता है

कहते हो मुझ में खूबी बहुत है

गले से लगाओगे या नही

इस बात से डर लगता है

इंतज़ार पर तेरे तो हक़ है मेरा

पर इस राह से आओगे या नही

इस बात से डर लगता है

ज़ख़्म इतने है के दिखा ना सके

मरहम लगाओगे या नही

इस बात से डर लगता है

तेरे लिए मौत को भी गले लगा ले

आखिरी पल देखने आओगे या नही

इस…

Continue

प्यार का रिश्ता

Posted by Monica Sharma on January 7, 2021 at 6:50pm 0 Comments

शानदार रिश्ते चाहिए

तो उन्हें गहराई से निभाएं

भूल होती है सभी से

पर अपनों के ज़ख्मों पर मरहम लगाए

तेरी मीठी सी मुस्कान

दवा सा असर दिखाती है

कंधे पर रख कर सिर

जब तू मुझे समझाती है

ग़म की गहरी काली रात भी

खुशनुमा सुबहों में बदल जाती है

मैं साथ हूं तेरे ये बात जब तू दोहराती है

मिस्री सी जैसे मेरे कानों में घुल जाती है

सुनो। कह कर जब बहाने से तू मुझे बुलाती है

मेरे" जी" कहने पर फिर आंखों से शर्माती है

बिन कहे तू जब इतना प्यार…

Continue

मेरा सच

Posted by Monica Sharma on January 7, 2021 at 6:30pm 0 Comments

जवाब दे सको शायद

ये तेरे लिए मुमकिन ही नही

मगर इंतजार पर आपके

बस हक़ है मेरा

बिन कहे तेरी आंखों को पढ़

ले जिस दिन

समझो इश्क़ मुकमिल हुआ मेरा उस दिन

हसरत है तेरी ज़रूरत नहीं ख्वाहिश बन जाएं

जिद है मेरी हर सांस पे तेरा नाम आए

जिस दिन देख मेरी आंखों की नमी

तुझे महसूस हो जाएं कहीं मेरी कमी

मेरे सवाल तुमसे जुड़ने का बहाना है

वरना हमें भीड़ में भी नही ठिकाना है

जीते है तुझे खुश करने को हम

तेरे आंगन में खुशियों के रंग भरने को…

Continue

© 2021   Created by Facestorys.com Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Privacy Policy  |  Terms of Service