Lagani Vyas's Blog (23)

પેઢા બોલે ને જીભ સાંભળે - Anil Joshi's New Poem

આજે એક કવિતા સાથે સહુ મિત્રોને અગાઉથી મેરી ક્રિસમસ આખો યુગ જ બોલાચાલીનો છે.વિરાટ મૌન સિર્ફ પ્રકૃતિમાં છે. પ્રકૃતિ પણ હવે ઉઘડતા ફુલને કહે છે કે " તને બોલકા સમારંભ અને બોલકી સભાઓમાં બુકે કે હાર બનવા નહિ જવા દઉં " આવી મથામણમાંથી આ કાવ્ય જન્મ્યું છે )

પેઢા બોલે ને જીભ સાંભળે

કાનમાં કહેવાની વાત એને કહેતા નહિ કે…

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Added by Lagani Vyas on December 22, 2016 at 2:59pm — No Comments

Must read : Now, google will take you to the virtual tour of life of Indian women

All the Indian women out there, this article is for you.

 a piece from a virtual exhibition : Savitribai…

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Added by Lagani Vyas on November 24, 2016 at 9:00am — No Comments

This beautiful poem by Javed Akhtar will make you think about the existence of the humanity

Read "A New Decreed" a beautiful Urdu poem by Javed Akhtar in English, translated by Rakshanda Jalil on Syahee.com…

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Added by Lagani Vyas on November 23, 2016 at 4:07pm — No Comments

An Interview with Rakshanda Jalil

1. Writer, translator, literary historian, what does Rakshanda Jalil like to do in her free time?

The notion of 'free time' doesn't really apply in my case. I am a full-time writer.... that's ALL I do. I quit all forms of gainful employment a couple of years ago so it isn't as though I have a day job and writing is something I do on the side with some free time left over for leisure activities.…

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Added by Lagani Vyas on November 21, 2016 at 10:30pm — No Comments

Join Syahee.com at Ahmedabad International Literature Festival 2016

Added by Lagani Vyas on November 11, 2016 at 2:00pm — No Comments

Wow stories! Did you know about the world's oldest library?

The World's oldest library, Fez, Morocco

Morocco has always been at the top list of many literature and art lovers, the cherry on the top it has a new reason for all…

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Added by Lagani Vyas on September 26, 2016 at 6:08pm — No Comments

The stories unheard!!!

Innu kinne paani ditta, innu kinne boya aey

Patthar de jo seene uttey, boota ugya hoya aey

[Who watered it, who bestrew  it,

The plant that grew on a heart of…

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Added by Lagani Vyas on August 6, 2016 at 10:00pm — 1 Comment

Women's Day!

We aren't superior or inferior to men. We want to see ourselves next to men, equal to men, but we want "period leave policy" because we are too weak to work during "those days of month". How fair is that! We are putting ourselves down and expect the world to look upto us. I refuse to be a feminist and celebrate such days because I am equal to man. I wont fight for my rights, I deserve all the rights which man has because…

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Added by Lagani Vyas on March 8, 2016 at 11:03pm — No Comments

उत्तर - महादेवी वर्मा

इस एक बूँद आँसू में

चाहे साम्राज्य बहा दो

वरदानों की वर्षा से

यह सूनापन बिखरा दो



इच्छा‌ओं की कम्पन से

सोता एकान्त जगा दो,

आशा की मुस्कराहट पर

मेरा नैराश्य लुटा दो ।



चाहे जर्जर तारों में

अपना मानस उलझा दो,

इन पलकों के प्यालो…

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Added by Lagani Vyas on March 6, 2016 at 3:40pm — No Comments

स्त्री

जूड़े का क्लिप

टाँक देती है कहीं

किसी भी दीवार पर

लगा देती है बिंदी

कहीं से भी शुरू करके

कैसे भी बुहार लेती है घर

 किसी भी गीत को…

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Added by Lagani Vyas on March 5, 2016 at 11:24am — No Comments

फ़र्ज़ - क़ैफ़ी आज़मी



और फिर कृष्ण ने अर्जुन से कहा

न कोई भाई न बेटा न भतीजा न गुरु

एक ही शक्‍ल उभरती है हर आईने में

आत्मा मरती नहीं जिस्म  बदल लेती है

धड़कन इस सीने की जा छुपती है उस सीने में



जिस्म लेते हैं जनम जिस्म  फ़ना होते हैं

और जो इक रोज़ फ़ना होगा वह पैदा होगा

इक कड़ी टूटती है दूसरी बन जाती है

ख़त्‍म यह सिलसिल-ए-ज़ीस्‍तभला क्‍या…

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Added by Lagani Vyas on March 4, 2016 at 4:41pm — No Comments

सपना है अभी भी - धर्मवीर भारती

क्योंकि सपना है अभी भी

इसलिए तलवार टूटी अश्व घायल

कोहरे डूबी दिशाएं

कौन दुश्मन, कौन अपने लोग, सब कुछ धुंध धूमिल

किन्तु कायम युद्ध का संकल्प है अपना अभी भी

...क्योंकि सपना है अभी भी!…

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Added by Lagani Vyas on March 3, 2016 at 12:04pm — No Comments

अश्रु यह पानी नहीं है



अश्रु यह पानी नहीं है, यह व्यथा चंदन नहीं है !



यह न समझो देव पूजा के सजीले उपकरण ये,

यह न मानो अमरता से माँगने आए शरण ये,

स्वाति को खोजा नहीं है औ' न सीपी को पुकारा,

मेघ से माँगा न जल, इनको न भाया सिंधु खारा !

शुभ्र मानस से छलक आए तरल ये ज्वाल मोती,…

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Added by Lagani Vyas on February 16, 2016 at 11:37pm — No Comments

If you forget me by Pablo Neruda

I want you to know 

one thing. 



You know how this is: 

if I look 

at the crystal moon, at the red branch 

of the slow autumn at my window, 

if I touch 

near the fire 

the impalpable ash 

or the wrinkled body of the log, 

everything carries me to you, 

as if everything that exists, 

aromas,…

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Added by Lagani Vyas on June 23, 2015 at 11:27am — No Comments

Nida Fazli

अपनी मर्ज़ी से कहाँ अपने सफ़र के हम हैं

रुख़ हवाओं का जिधर का है उधर के हम हैं 

पहले हर चीज़ थी अपनी मगर अब लगता है

अपने ही घर में किसी दूसरे घर के हम हैं 

वक़्त के साथ है मिट्टी का सफ़र सदियों तक

किसको मालूम कहाँ के हैं किधर के हम हैं 

चलते रहते हैं कि चलना है मुसाफ़िर का नसीब

सोचते रहते हैं कि किस राहगुज़र के हम हैं 

गिनतियों में ही गिने जाते हैं हर दौर में…

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Added by Lagani Vyas on June 10, 2015 at 2:26pm — No Comments

तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार जब से है

तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार जब से है 



तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार जब से है 

न शब को दिन से शिकायत न दिन को शब से है 

किसी का दर्द हो करते हैं तेरे नाम रक़म 

गिला है जो भी किसी से तेरे सबब से है 

हुआ है जब से दिल-ए-नासुबूर बेक़ाबू 

कलाम तुझसे नज़र को बड़े अदब से है 

अगर शरर है तो भड़के, जो फूल है तो खिले 

तरह तरह की तलब तेरे रंगे-लब से है 

कहाँ गए शबे-फ़ुरक़त के…

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Added by Lagani Vyas on May 26, 2015 at 8:08am — No Comments

देखा हुआ सा कुछ है

देखा हुआ सा कुछ है तो सोचा हुआ सा कुछ 

हर वक़्त मेरे साथ है उलझा हुआ सा कुछ



होता है यूँ भी रास्ता खुलता नहीं कहीं 

जंगल-सा फैल जाता है खोया हुआ सा कुछ



साहिल की गिली रेत पर बच्चों के खेल-सा 

हर लम्हा मुझ में बनता बिखरता हुआ सा कुछ



फ़ुर्सत ने आज घर को सजाया कुछ इस तरह 

हर शय से मुस्कुराता है रोता हुआ सा कुछ



धुँधली सी एक याद किसी क़ब्र…

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Added by Lagani Vyas on April 26, 2015 at 7:31pm — No Comments

Faiz Ahmed Faiz

यहाँ से शहर को देखो

यहाँ ये शहर को देखो तो हल्क़ा दर हल्क़ा 

खिंची है जेल की सूरत हर एक सम्त फ़सील 

हर एक राह गुज़र गर्दिशे-असीरां है 

न संगे-मील, न मंज़िल, न…

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Added by Lagani Vyas on April 10, 2015 at 12:12am — No Comments

बशर नवाज

करोगे याद तो, हर बात याद आयेगी

गुजरते वक्त की, हर मौज ठहर जायेगी



ये चाँद बीते जमानो का आईना होगा

भटकते अब्र में चेहरा कोई बना होगा

उदास राह कोई दास्ताँ सुनाएगी



बरसता भीगता मौसम धुवा धुवा होगा

पिघलती शम्मो पे दिल का मेरे गुमा होगा

हथेलियों की हिना, याद कुछ दिलायेगी



गली के मोड़ पे, सूना सा कोई…

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Added by Lagani Vyas on April 7, 2015 at 4:55pm — No Comments

A short story by Manto करामात

करामात

लूटा हुआ माल बरामद करने के लिए पुलिस ने छापे मारने शुरु किए.

लोग डर के मारे लूटा हुआ माल रात के अंधेरे में बाहर फेंकने लगे,

कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने अपना माल भी मौक़ा पाकर अपने से अलहदा कर दिया, ताकि क़ानूनी गिरफ़्त से बचे रहें.

एक आदमी को बहुत दिक़्कत पेश आई. उसके पास…

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Added by Lagani Vyas on March 14, 2015 at 3:12pm — 1 Comment

Blog Posts

परिक्षा

Posted by Hemshila maheshwari on March 10, 2024 at 5:19pm 0 Comments

होती है आज के युग मे भी परिक्षा !



अग्नि ना सही

अंदेशे कर देते है आज की सीता को भस्मीभूत !



रिश्तों की प्रत्यंचा पर सदा संधान लिए रहेता है वह तीर जो स्त्री को उसकी मुस्कुराहट, चूलबलेपन ओर सबसे हिलमिल रहेने की काबिलियत पर गडा जाता है सीने मे !



परीक्षा महज एक निमित थी

सीता की घर वापसी की !



धरती की गोद सदैव तत्पर थी सीताके दुलार करने को!

अब की कुछ सीता तरसती है माँ की गोद !

मायके की अपनी ख्वाहिशो पर खरी उतरते भूल जाती है, देर-सवेर उस… Continue

ग़ज़ल

Posted by Hemshila maheshwari on March 10, 2024 at 5:18pm 0 Comments

इसी बहाने मेरे आसपास रहने लगे मैं चाहता हूं कि तू भी उदास रहने लगे

कभी कभी की उदासी भली लगी ऐसी कि हम दीवाने मुसलसल उदास रहने लगे

अज़ीम लोग थे टूटे तो इक वक़ार के साथ किसी से कुछ न कहा बस उदास रहने लगे

तुझे हमारा तबस्सुम उदास करता था तेरी ख़ुशी के लिए हम उदास रहने लगे

उदासी एक इबादत है इश्क़ मज़हब की वो कामयाब हुए जो उदास रहने लगे

Evergreen love

Posted by Hemshila maheshwari on September 12, 2023 at 10:31am 0 Comments

*પ્રેમમય આકાંક્ષા*



અધૂરા રહી ગયેલા અરમાન

આજે પણ

આંટાફેરા મારતા હોય છે ,

જાડા ચશ્મા ને પાકેલા મોતિયાના

ભેજ વચ્ચે....



યથાવત હોય છે

જીવનનો લલચામણો સ્વાદ ,

બોખા દાંત ને લપલપતી

જીભ વચ્ચે



વીતી ગયો જે સમય

આવશે જરુર પાછો.

આશ્વાસનના વળાંકે

મીટ માંડી રાખે છે,

ઉંમરલાયક નાદાન મન



વળેલી કેડ ને કપાળે સળ

છતાંય

વધે ઘટે છે હૈયાની ધડક

એના આવવાના અણસારે.....



આંગણે અવસરનો માહોલ રચી

મૌન… Continue

जिन्दा हों तो जिंदगी कि मिसाल बनो

Posted by Pooja Yadav shawak on July 31, 2021 at 10:01am 0 Comments

जिन्दा हों तो जिंदगी कि मिसाल बनो

झूठ का साथी नहीं सच का सवाल बनो

यूँ तो जलती है माचिस कि तीलियाँ भी

बात तो तब है जब धहकती मशाल बनो



रोक लो तूफानों को यूँ बांहो में भींचकर

जला दो गम का लम्हा दिलों से खींचकर

कदम दर कदम और भी ऊँची उड़ान भरो

जिन्दा हों तो जिंदगी कि मिसाल बनो

झूठ का साथी नहीं सच का सवाल बनो



यूँ तो अक्सर बातें तुझ पर बनती रहेंगी

तोहमते तो फूल बनकर बरसा ही करेंगी

एक एक तंज पिरोकर जीत का हार करो

जिन्दा हों तो जिंदगी… Continue

No more pink

Posted by Pooja Yadav shawak on July 6, 2021 at 12:15pm 1 Comment

नो मोर पिंक

क्या रंग किसी का व्यक्तित्व परिभाषित कर सकता है नीला है तो लड़का गुलाबी है तो लड़की का रंग सुनने में कुछ अलग सा लगता है हमारे कानो को लड़कियों के सम्बोधन में अक्सर सुनने की आदत है.लम्बे बालों वाली लड़की साड़ी वाली लड़की तीख़े नयन वाली लड़की कोमल सी लड़की गोरी इत्यादि इत्यादि

कियों जन्म के बाद जब जीवन एक कोरे कागज़ की तरह होता हो चाहे बालक हो बालिका हो उनको खिलौनो तक में श्रेणी में बाँट दिया जता है लड़का है तो कार से गन से खेलेगा लड़की है तो गुड़िया ला दो बड़ी हुई तो डांस सिखा दो जैसे… Continue

यूँ ही मिल जाती जिंदगी तो क्या बात थी

Posted by Pooja Yadav shawak on June 25, 2021 at 10:04pm 0 Comments

यूँ ही मिल जाती जिंदगी तो क्या बात थी
मुश्किलों ने तुझे पाने के काबिल बना दिया
न रुलाती तू मुझे अगर दर्द मे डुबो डुबो कर
फिर खुशियों की मेरे आगे क्या औकात थी
तूने थपकियों से नहीं थपेड़ो से सहलाया है
खींचकर आसमान मुझे ज़मीन से मिलाया है
मेरी चादर से लम्बे तूने मुझे पैर तो दें डाले
चादर को पैरों तक पहुंचाया ये बड़ी बात की
यूँ ही मिल जाती जिंदगी तो क्या बात थी
मुश्किलों ने तुझे पाने के काबिल बना दिया
Pooja yadav shawak

Let me kiss you !

Posted by Jasmine Singh on April 17, 2021 at 2:07am 0 Comments

वो जो हँसते हुए दिखते है न लोग अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है पराये अहसासों को लफ़्ज देतें है खुद के दर्द पर खामोश रहते है जो पोछतें दूसरे के आँसू अक्सर खुद अँधेरे में तकिये को भिगोते है वो जो हँसते…

Posted by Pooja Yadav shawak on March 24, 2021 at 1:54pm 1 Comment

वो जो हँसते हुए दिखते है न लोग
अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है
पराये अहसासों को लफ़्ज देतें है
खुद के दर्द पर खामोश रहते है
जो पोछतें दूसरे के आँसू अक्सर
खुद अँधेरे में तकिये को भिगोते है
वो जो हँसते हुए दिखते है लोग
अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है

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