Sakshi garg's Blog (34)

आसमान से ऊंचा

अक्सर सिर की छत बन कर धूप और बारिश से बचा लेता है पिता...

यूं ही नहीं उसे आसमान से भी ऊंचा कहते ।

Added by Sakshi garg on October 14, 2020 at 10:16am — 1 Comment

दो बातें

कुछ बातें इन दो कारणों से भी तकलीफ दे देती हैं : 

1• काश ! ये सब सच होता ।;

2• काश ! ये सब झूठ होता ।

Added by Sakshi garg on October 14, 2020 at 10:13am — No Comments

पिता

मुझे रखा छांव में, खुद जलते रहे धूप में...

हां मैंने देखा है फरिश्ता अपने पिता के रूप में ।।

Added by Sakshi garg on October 10, 2020 at 9:02pm — No Comments

The two universes unites

Added by Sakshi garg on September 26, 2020 at 8:47pm — No Comments

एक तरफा प्यार

कभी कभी लगता है कि तुमसे मेरा प्यार आज भी एक तरफा ही है ।

तुम्हारी एक झलक के लिए मै हर पल उतावली हूं, 

तुम भी देखो मुझे प्यार से इसी की मैं प्यासी हूं, 

पर तुम देखते ही नहीं मुझे उस तरह, 

जिस तरह मै देखती हूं तुम्हे हर दफा, 

शायद किस्मत मुझसे खफा ही है... 

कभी कभी लगता है कि तुमसे मेरा प्यार आज भी एक तरफा ही है ।।

Added by Sakshi garg on September 21, 2020 at 5:21pm — No Comments

Radhakrishn

Added by Sakshi garg on September 18, 2020 at 12:12pm — No Comments

कोई इस तरह चाहने वाला मिले तो बताना

कोई इस तरह चाहने वाला मिले तो बताना ।

मेरी हंसी को देख जिसका दिल खिल जाए

मेरी पाज़ेब की झंकार सुन जो अपनी थकान भूल जाए

कोई इस तरह चाहने वाला मिले तो बताना ।

मेरी हर शरारत पे जो सहसा ही मुस्कुरा दे

मेरी हर नादानी पर जो अपनी मुस्कान बिखरा दे

कोई इस तरह चाहने वाला मिले तो बताना ।

मेरी जुल्फों के साए में जो सुकून पा जाए

मेरी हर अदा जिसके दिल में घर कर जाए

कोई इस तरह चाहने वाला मिले तो बताना ।

मेरे प्यार भरी नजर से देखने पर जिसका दिन बन…

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Added by Sakshi garg on September 18, 2020 at 9:24am — No Comments

आजकल

Added by Sakshi garg on September 14, 2020 at 10:24pm — 2 Comments

तेरी वो खिलती सी हंसी, वो कातिल सी नज़र, वो प्यारी सी शरारत••• देखो न••• मुझे हर बार दीवाना कर जाती हैं ।। -साक्षी गर्ग

तेरी वो खिलती सी हंसी,

वो कातिल सी नज़र,

वो प्यारी सी शरारत•••

देखो न••• मुझे हर बार दीवाना कर जाती हैं ।।

-साक्षी गर्ग

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Added by Sakshi garg on September 11, 2020 at 7:57pm — No Comments

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Added by Sakshi garg on September 11, 2020 at 5:34pm — No Comments

वो शिव है मेरा

वो शिव है मेरा, मै गौरी हूं उसकी
वो है एक जादूगर, मैं जादूगरी हूं उसकी
वो दुनिया बन बैठा है मेरी, अब ज़रूरत मुझे है किसकी
इलाइची का स्वाद हूं मैं, वो चाय की मीठी सी चुस्की
वो शिव है मेरा, मैं गौरी हूं उसकी ।।

Added by Sakshi garg on September 8, 2020 at 10:07pm — 2 Comments

Mandala art

Added by Sakshi garg on September 7, 2020 at 1:28pm — No Comments

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Added by Sakshi garg on September 6, 2020 at 8:20pm — No Comments

What hurts the most

Have you ever wondered what hurts the most : 

*Saying nothing and wishing you had said;

*Saying something and wishing you had not said

Added by Sakshi garg on September 5, 2020 at 1:31pm — No Comments

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Added by Sakshi garg on September 4, 2020 at 6:40pm — No Comments

पछतावा

Added by Sakshi garg on September 3, 2020 at 5:44pm — No Comments

Shiv

Added by Sakshi garg on September 2, 2020 at 6:42pm — No Comments

ਮੁਲਾਕਾਤ

ਕੋਈ ਇਕ ਤਰੀਕ ਮਿਲਣ ਦੀ ਦੇ ਸੱਜਣਾ,

ਤੇਰੇ ਨਾਮ ਸਭ ਤਰੀਕਾਂ ਮੇਰੀਆਂ ਨੇ ।

ਲੱਭ ਵੇਹਲਾ ਕੋਈ ਮੁਲਾਕਾਤ ਇੱਕ ਦਾ,

ਨੈਣਾਂ ਨੂੰ ਬੱਸ ਉਡੀਕਾਂ ਤੇਰੀਆਂ ਨੇ ।

ਤੈਨੂੰ ਦੇਖਣੇ ਦੀ ਰੀਝ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਧ ਕੇ,

ਉੰਝ ਤਾਂ ਰੀਝਾਂ ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਬਥੇਰੀਆਂ ਨੇ ।

ਇੱਕ ਤੇਰੇ ਲਈ ਰੱਬ ਤੋਂ ਦੁਆਵਾਂ ਕਰਦੀ ਹਾਂ,

ਤੇਰੇ ਹਿੱਸੇ ਸਭ ਦੁਆਵਾਂ ਮੇਰੀਆਂ ਨੇ ।

ਤੈਨੂੰ ਦੁਨੀਆ ਮੈਂ ਆਪਣੀ ਬਣਾ ਲਿਆ,

ਤੇ ਤੇਰੀ ਇਸ ਦੁਨੀਆ ਤੋਂ ਨਜ਼ਰਾਂ ਮੈਂ ਫੇਰੀਆਂ ਨੇ ।

ਤੂੰ…

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Added by Sakshi garg on September 2, 2020 at 2:03pm — No Comments

मेरा पता

अगर कभी तुम गुम हो जाओ, तो खुद को मुझमें ढूंढना••• 

मैं तुम्हे तुम में ही मिलूंगी ये वादा है मेरा ।।

Added by Sakshi garg on August 30, 2020 at 12:47pm — No Comments

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Added by Sakshi garg on August 29, 2020 at 8:10pm — 1 Comment

Blog Posts

શું? આ છે જિંદગી !

Posted by Sonu on October 15, 2020 at 7:36pm 0 Comments

મૃગ તરસે જળ દોડી દોડી હાથધર્યું ઝાંઝવાનીર, માનવ ભૂખ્યો પ્રેમનો મથામણ કરી પામ્યો વહેમ 

શું? આ છે જિંદગી !

રોણુ જન્મ ને મરણ સમયે સમાન મનોવ્યથા, આંતરીક ગુપશુપ ચાલી રહી ભીતર

શુ ? આ છે જિંદગી !

રાજકુમારો ને મહેલોના સપનામાં  રાચતા, આંખો ખુલી અરે ! આતો મૃગજળસમું સ્વપ્નલોક

શુ? આ છે જિંદગી !

મુખપર હસી ઠીઠોલી, મનમાં કરોડો તરંગ ઉછળે! વિચારે તો જાણે ઘેરો ઘાલ્યો

શુ? આ છે જિંદગી !

ભોરથતા આશબંધણીકાલે નહીતો આજે, હશે પિયુ સંગ સ્નેહમિલન પણ આતો…

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तुझको लिखती रहूंगी मैं !

Posted by Jasmine Singh on October 15, 2020 at 1:22am 0 Comments

तुझे लिखती रहूंगी मैं

तेरे प्यार की स्याही में

अपनी कलम को डुबो कर

इस ज़िंदगी के पन्नों पे

तेरे साथ जिये लम्हों को

कविताओं में बुनकर

तुझको लिखती रहूंगी मैं

तुझको जीती रहूंगी मैं

तू वो है जो मेरे साथ है

और मेरे बाद भी रहेगा

कभी किसी के होठों में हंसेगा

किसी की आंखों से बहेगा

किसी अलमारी के पुराने

दराज की खुशबु में महकेगा

किसी की आंखों की गहराई

जब जब मेरे शब्दों में उतरेगी

तब तब मेरे बाद तुझे पढ़ने वालों के…

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इल्ज़ाम ए इश्क़

Posted by Monica Sharma on October 14, 2020 at 9:12pm 0 Comments

धीरे-धीरे सब दूर होते गए

वक़्त के आगे मजबूर होते गए

रिश्तों में हमने ऐसी चोट खाई की

बस हम बेवफ़ा और सब बेकसूर होते गए

इल्ज़ामों की श्रृंखला बड़ी लंबी थी साहेब

वो लगाते गए हम मुस्कुराते गए

अपनी झुकी हुई भीगी पलकों के नीचे

जख्म ए इश्क़ हम छुपाते चले गए

बरसों किया इंतजार हमने

तेरी मीठी सी मुस्कान का

पर बेरहम तुम नजरों से

कत्ल करने को खंजर चलाते गए

जिक्र ए इश्क़ जो कभी सुनाई दे

जुबां पे तेरा नाम और

नज़रों में तेरा अक्स दिखाई…

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आसमान से ऊंचा

Posted by Sakshi garg on October 14, 2020 at 10:16am 1 Comment

अक्सर सिर की छत बन कर धूप और बारिश से बचा लेता है पिता...

यूं ही नहीं उसे आसमान से भी ऊंचा कहते ।

दो बातें

Posted by Sakshi garg on October 14, 2020 at 10:13am 0 Comments

कुछ बातें इन दो कारणों से भी तकलीफ दे देती हैं : 

1• काश ! ये सब सच होता ।;

2• काश ! ये सब झूठ होता ।

पिता

Posted by Sakshi garg on October 10, 2020 at 9:02pm 0 Comments

मुझे रखा छांव में, खुद जलते रहे धूप में...

हां मैंने देखा है फरिश्ता अपने पिता के रूप में ।।

भ्रम

Posted by Monica Sharma on October 5, 2020 at 11:27pm 0 Comments

बड़ा गुरूर था हमें अपनी मोहब्बत पर
भ्रम तो तब टूटा जब तेरे वजूद में
अपने लिए जगह भी न मिली
सोचा था तेरे दिल में जगह बना ली है
हकीकत तो तेरी यादों में भी ना थे हम
बड़े बड़े तूफ़ान ना हिला सके हमें
तेरी ख़ामोशी ने झकझोर दिया
उम्मीद न रही तेरे प्यार की जब
लगा जैसे अपनों ने ही मुंह मोड़ लिया
जी रहे थे जिंदगी किसी भ्रम में हम
अब तो उस भ्रम ने भी साथ छोड़ दिया

मुझे दुख है !

Posted by Jasmine Singh on October 3, 2020 at 12:41am 0 Comments

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