Jasmine Singh's Blog (49)

Let me kiss you !

Added by Jasmine Singh on April 17, 2021 at 2:07am — No Comments

ज़रूरत के हिसाब से।

Added by Jasmine Singh on March 21, 2021 at 12:38pm — No Comments

तुम !

Added by Jasmine Singh on February 16, 2021 at 7:23pm — No Comments

मैं पाकर तुझे !

Added by Jasmine Singh on February 2, 2021 at 1:32am — No Comments

दिल छोटा मत कीजिए ❤️

Added by Jasmine Singh on January 5, 2021 at 11:07am — No Comments

हां मैं अब मुस्कुराऊंगी !

Added by Jasmine Singh on December 13, 2020 at 12:47am — No Comments

ज़िंदगी ......!

ज़िंदगी एक अंधेरे बंद कमरे सी लगने लगी है !

यहां से बाहर जाने का दरवाज़ा तो है,

पर पता नहीं किस तरफ कितनी दूर,

और उसकी चाबी का भी कुछ पता नहीं !

वो भी मेरी तरह इस अंधेरे में गुम पड़ी है कहीं !

रोशनी का एक कतरा भी अंदर आ पाता नहीं !

इसलिए वक़्त का कुछ अंदाज़ा हो पाता नहीं !

कायम रहता है तो बस अंधेरा बस खामोशी ,

और मेरी हर पल तेज होती धड़कन ,

जैसे जैसे धड़कन बढ़ती है ये घबराहट भी और बढ़ती है,

और ये अंधेरा जैसे और काला हुआ जाता है ,

जैसे…

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Added by Jasmine Singh on December 2, 2020 at 11:02pm — No Comments

तुझको लिखती रहूंगी मैं, तुझको जीती रहूंगी मैं !

तुझे लिखती रहूंगी मैं

तेरे प्यार की स्याही में

अपनी कलम को डुबो कर

इस ज़िंदगी के पन्नों पे

तेरे साथ जिये लम्हों को

कविताओं में बुनकर

तुझको लिखती रहूंगी मैं

तुझको जीती रहूंगी मैं

तू वो है जो मेरे साथ है

और मेरे बाद भी रहेगा

कभी किसी के होठों में हंसेगा

किसी की आंखों से बहेगा

किसी अलमारी के पुराने

दराज की खुशबु में महकेगा

किसी की आंखों की गहराई

जब जब मेरे शब्दों में उतरेगी

तब तब मेरे बाद तुझे पढ़ने वालों के…

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Added by Jasmine Singh on December 2, 2020 at 9:41am — No Comments

Distance

Your absence always silenced the distance
Perhaps it was your presence in the distance
I wonder how will I cover this distance
May be this distance is not the distance
Actually responsibilities are the distance
One day we will swim across this distance
We will float on love and mock this distance
Hail and hearty we stay away from the distance
I pray no one gets to experience the distance
©Reserved by Jasmine Singh

Added by Jasmine Singh on November 28, 2020 at 10:36pm — No Comments

कुछ इस तरह!

कुछ इस तरह लिपटी हैं
तेरी पलकें मेरे दिल के तारों से
मज़ार के धागों से
कोई मन्नत लिपटी हो जैसे
©Reserved by Jasmine Singh

Added by Jasmine Singh on November 13, 2020 at 9:32am — No Comments

बंजर ज़मीन हूं मैं !

Added by Jasmine Singh on October 18, 2020 at 8:10am — No Comments

तुझको लिखती रहूंगी मैं !

तुझे लिखती रहूंगी मैं

तेरे प्यार की स्याही में

अपनी कलम को डुबो कर

इस ज़िंदगी के पन्नों पे

तेरे साथ जिये लम्हों को

कविताओं में बुनकर

तुझको लिखती रहूंगी मैं

तुझको जीती रहूंगी मैं

तू वो है जो मेरे साथ है

और मेरे बाद भी रहेगा

कभी किसी के होठों में हंसेगा

किसी की आंखों से बहेगा

किसी अलमारी के पुराने

दराज की खुशबु में महकेगा

किसी की आंखों की गहराई

जब जब मेरे शब्दों में उतरेगी

तब तब मेरे बाद तुझे पढ़ने वालों के…

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Added by Jasmine Singh on October 15, 2020 at 1:22am — No Comments

हम ही चले जाते हैं !

Added by Jasmine Singh on October 9, 2020 at 1:04am — No Comments

मुझे दुख है !

Added by Jasmine Singh on October 3, 2020 at 12:41am — No Comments

बेटियां

Added by Jasmine Singh on September 28, 2020 at 8:39am — No Comments

शादी क्या हुई !!

Added by Jasmine Singh on September 26, 2020 at 11:27pm — No Comments

चेहरा नहीं किताब हैं वो !

चेहरा नहीं किताब हैं वो,
आम होकर भी बहुत नायाब हैं वो,
रोज़ करती हूं कोशिश,
उन हसरतों को पढ़ने की,
जिन्हे छुपाने में बहुत उस्ताद हैं वो !
© Reserved by Jasmine Singh

Added by Jasmine Singh on September 18, 2020 at 12:01pm — No Comments

इश्क़ मोहब्बत

Added by Jasmine Singh on September 9, 2020 at 6:19pm — No Comments

Blog Posts

Let me kiss you !

Posted by Jasmine Singh on April 17, 2021 at 2:07am 0 Comments

वो जो हँसते हुए दिखते है न लोग अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है पराये अहसासों को लफ़्ज देतें है खुद के दर्द पर खामोश रहते है जो पोछतें दूसरे के आँसू अक्सर खुद अँधेरे में तकिये को भिगोते है वो जो हँसते…

Posted by Pooja Yadav shawak on March 24, 2021 at 1:54pm 0 Comments

वो जो हँसते हुए दिखते है न लोग
अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है
पराये अहसासों को लफ़्ज देतें है
खुद के दर्द पर खामोश रहते है
जो पोछतें दूसरे के आँसू अक्सर
खुद अँधेरे में तकिये को भिगोते है
वो जो हँसते हुए दिखते है लोग
अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है

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मेरी जिंदगी

Posted by Monica Sharma on March 23, 2021 at 11:54am 0 Comments

पंच तत्व

Posted by Sakshi garg on February 16, 2021 at 11:18pm 0 Comments

जब मुझे पता चला कि तुम पानी हो
तो मै भीग गया सिर से पांव तक ।

जब मुझे पता चला कि तुम हवा की सुगंध हो
तो मैंने एक श्वास में समेट लिया तुम्हे अपने भीतर।

जब मुझे पता चला कि तुम मिट्टी हो
तो मै जड़ें बनकर समा गया तुम्हारी आर्द्र गहराइयों में।

जब मुझे मालूम हुआ कि तुम आकाश हो
तो मै फैल गया शून्य बनकर।

अब मुझे बताया जा रहा है कि तुम आग भी हो•••
तो मैंने खूद को बचा कर रख है तुम्हारे लिए।

तुम !

Posted by Jasmine Singh on February 16, 2021 at 7:23pm 0 Comments

Posted by Monica Sharma on January 30, 2021 at 10:38am 0 Comments

Posted by Monica Sharma on January 29, 2021 at 6:07pm 0 Comments

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