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Pragna Sonpal's Blog

આંખ

Posted on May 20, 2017 at 12:32pm 0 Comments

દેખાય જે ખુલ્લી આંખે

નથી હોતું સંપૂર્ણ હંમેશા

હૃદય ની સચ્ચાઈ માં કોઈ એ ઝાંખ્યું કદી ?



ડરી ડરી ને રહેલી આંખો

નથી હોતી ડરપોક હંમેશા

ડર નું કારણ કોઈ એ જાણ્યું કદી ?



નમી ને ચૂપ થયેલી આંખો

નથી હોતી ખોટી હંમેશાં

ચુપ્પી નું કારણ કોઈ એ સમજ્યું કદી ?



રડી ને વહી ગયેલી આંખો

નથી હોતી રોતલ હંમેશાં

કોમળતા નું કારણ કોઈ એ નિરખ્યું કદી ?



ગુસ્સા થી ભભૂકતી આંખો

નથી હોતી લાલ હંમેશાં

નારાજગી નું કારણ કોઈ એ ભાખ્યું કદી… Continue

ભારે પડી તું !

Posted on December 9, 2016 at 5:19pm 0 Comments

આવી મોટી મુસીબત
છતા પણ ડરી નથી તું !

રણ માં પણ થઈ હાવી
છતા થાકી નથી તું !

પર્વતો નાં પ્રાંગણ છે
છતા હારી નથી તું !

પોતાના જ અહી દુશ્મન
છતા હટી નથી તું !

ઊંડી ચીરી છાતી
છતા ભાગી નથી તું !

રોજ ના નવા કાવતરા
છતા નમી નથી તું !

ભયંકર આ સમાજ માં
પણ ,
ભારે પડી તું !

-પ્રજ્ઞા સોનપાલ

"Poetry , essence of life "

Posted on November 22, 2016 at 10:52pm 0 Comments

My words are not safe when they flow from my mouth

proceeding to solve that

with kindness , I kill their doubts

with competence , I bury them deep inside

with soulfulness , I celebrate them like a festival

and

with my ink I plot them within my poetry.



While portraying capture of my feelings from veins to skin tenderly



Claiming to break the layers from deep down to over thinking totally



Spreading smile from gleeful moments to the… Continue

"વ્યક્તતા"

Posted on October 13, 2016 at 8:48pm 0 Comments

જિંદગી ની આંટીઘૂંટી માં અટવાયેલો માનવ ક્યારેક જ વ્યક્ત થઈ શકતો હોય છે

એ પણ સાચી સમજી શકે તેવી વ્યક્તિ ની સામે !



અભિવ્યક્તિ ની વ્યાખ્યા બધા ની અલગ હોય શકે, પરંતુ વ્યક્તતા ની લાગણી સહજ ભાવે સરખી જ હોવા ની યોગ્ય વ્યક્તિ ની સામે !



સુખ અને દુઃખ વહેંચવા થી ઓછા કે વધુ તો નહી જ થાય કદાચ,

પરંતુ દિલ નો બોજ તો હળવો થઈ જ શકે છે પોતની વ્યક્તિ ની સામે !



જીવન માં ઓછુ વધુ નથી મળયું કોઈ ને કંઈ

હા, ફક્ત સાચા મિત્રો અને સમજી શકે એવા સંગ ની ઉણપ હોય શકે કોઈ ને ! એ પણ… Continue

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Blog Posts

प्यार का रिश्ता

Posted by Monica Sharma on January 7, 2021 at 6:50pm 0 Comments

शानदार रिश्ते चाहिए

तो उन्हें गहराई से निभाएं

भूल होती है सभी से

पर अपनों के ज़ख्मों पर मरहम लगाए

तेरी मीठी सी मुस्कान

दवा सा असर दिखाती है

कंधे पर रख कर सिर

जब तू मुझे समझाती है

ग़म की गहरी काली रात भी

खुशनुमा सुबहों में बदल जाती है

मैं साथ हूं तेरे ये बात जब तू दोहराती है

मिस्री सी जैसे मेरे कानों में घुल जाती है

सुनो। कह कर जब बहाने से तू मुझे बुलाती है

मेरे" जी" कहने पर फिर आंखों से शर्माती है

बिन कहे तू जब इतना प्यार…

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मेरा सच

Posted by Monica Sharma on January 7, 2021 at 6:30pm 0 Comments

जवाब दे सको शायद

ये तेरे लिए मुमकिन ही नही

मगर इंतजार पर आपके

बस हक़ है मेरा

बिन कहे तेरी आंखों को पढ़

ले जिस दिन

समझो इश्क़ मुकमिल हुआ मेरा उस दिन

हसरत है तेरी ज़रूरत नहीं ख्वाहिश बन जाएं

जिद है मेरी हर सांस पे तेरा नाम आए

जिस दिन देख मेरी आंखों की नमी

तुझे महसूस हो जाएं कहीं मेरी कमी

मेरे सवाल तुमसे जुड़ने का बहाना है

वरना हमें भीड़ में भी नही ठिकाना है

जीते है तुझे खुश करने को हम

तेरे आंगन में खुशियों के रंग भरने को…

Continue

एक सच

Posted by Monica Sharma on December 4, 2020 at 2:12pm 0 Comments

तुम से लड़ते हैं के मेरे
लिए "ख़ास" हो तुम ।
अपने ना होते तो"हार"
कर जाने देते तुम्हें ।
हक़ जताते है तुम पर
क्युकिं
हक़ दिया है तुमने
बेवजह तो इजाज़त"अश्कों"
को भी नही देते हुए हम

मोनिका शर्मा

ज़िंदगी ......!

Posted by Jasmine Singh on December 2, 2020 at 11:02pm 0 Comments

ज़िंदगी एक अंधेरे बंद कमरे सी लगने लगी है !

यहां से बाहर जाने का दरवाज़ा तो है,

पर पता नहीं किस तरफ कितनी दूर,

और उसकी चाबी का भी कुछ पता नहीं !

वो भी मेरी तरह इस अंधेरे में गुम पड़ी है कहीं !

रोशनी का एक कतरा भी अंदर आ पाता नहीं !

इसलिए वक़्त का कुछ अंदाज़ा हो पाता नहीं !

कायम रहता है तो बस अंधेरा बस खामोशी ,

और मेरी हर पल तेज होती धड़कन ,

जैसे जैसे धड़कन बढ़ती है ये घबराहट भी और बढ़ती है,

और ये अंधेरा जैसे और काला हुआ जाता है ,

जैसे…

Continue

तुझको लिखती रहूंगी मैं, तुझको जीती रहूंगी मैं !

Posted by Jasmine Singh on December 2, 2020 at 9:41am 0 Comments

तुझे लिखती रहूंगी मैं

तेरे प्यार की स्याही में

अपनी कलम को डुबो कर

इस ज़िंदगी के पन्नों पे

तेरे साथ जिये लम्हों को

कविताओं में बुनकर

तुझको लिखती रहूंगी मैं

तुझको जीती रहूंगी मैं

तू वो है जो मेरे साथ है

और मेरे बाद भी रहेगा

कभी किसी के होठों में हंसेगा

किसी की आंखों से बहेगा

किसी अलमारी के पुराने

दराज की खुशबु में महकेगा

किसी की आंखों की गहराई

जब जब मेरे शब्दों में उतरेगी

तब तब मेरे बाद तुझे पढ़ने वालों के…

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Distance

Posted by Jasmine Singh on November 28, 2020 at 10:36pm 0 Comments

Your absence always silenced the distance
Perhaps it was your presence in the distance
I wonder how will I cover this distance
May be this distance is not the distance
Actually responsibilities are the distance
One day we will swim across this distance
We will float on love and mock this distance
Hail and hearty we stay away from the distance
I pray no one gets to experience the distance
©Reserved by Jasmine Singh

प्रेम

Posted by Monica Sharma on November 27, 2020 at 8:00pm 0 Comments

ये प्रेम और परवाह की,
कवायद भी अजीब है।
पाया नही है जिसको,उसे
खोना भी नही चाहते
हो ना सके तेरे जो,
किसी और के भी होना नही चाहते
हमें इश्क़ है तुमसे, ये ज़माने को दिखाएंगे
तेरी ख़ामोशी को अपने ,बोल हम बनाएंगे
मोहब्बत आज भी तुझसे है,कल भी करेंगे
अपनी आख़िरी सांस तक,
हम मोहब्बत ही निभायेगे
तेरे सजदे में एक बार नही
सौ बार सर झुकाएंगे
अगर सच्ची है मोहब्बत मेरी,
तो सातों जन्म हम तुम्हें पाएंगे....

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