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મિત્ર

Posted on August 7, 2015 at 7:04pm 0 Comments

તું વૃક્ષનો છાંયો છે, નદીનું જળ છે.

ઊઘડતા આકાશનો ઉજાસ છે:

તું



રઝળપાટનો આનંદ છે

તું પ્રવાસ છે, સહવાસ છે:





તું એકની એક વાત છે, દિવસ ને રાત છે

કાયમી સંગાથ છે:





હું થાકું ત્યારે તારી પાસે આવું છું,

હું છલકાઉં ત્યારે તને ગાઉં છું,

હું તને ચાહું છું :





તું વિરહમાં પત્ર છે, મિલનમાં છત્ર છે

તું અહીં અને સર્વત્ર છે:





તું બુદ્ધનું સ્મિત છે, તું મીરાનું ગીત છે

તું પુરાતન તોયે નૂતન અને નિત… Continue

ચાલ એક આંટો...

Posted on August 7, 2015 at 7:00pm 0 Comments

ચાલ એક આંટો બહાર મારી આવીએ, બંધનોથી મુક્ત હવાને માણી આવીએ. આમ તો સ્થળ ક્યાં કોઈ પણ બાકી હવે ? કોઈના દિલ સુધી લટાર મારી આવીએ. આપવાની મઝા શું હોય છે એ જાણવા, વૃક્ષ કે પછી વાદળને મળી આવીએ. હસ્તરેખાઓ સુકાઈ જાય એ સારું નહિં, કો’કના આંસુ લૂછી એને પલાળી આવીએ.

Comment Wall (3 comments)

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At 5:12pm on August 7, 2015, Ketan Motla said…

Thanks for read my post...

At 11:28am on August 7, 2015, Shruti said…
Thanks
At 10:48am on August 7, 2015, mehul joshi said…

welcome to unique world of word from heart...

 
 
 

Blog Posts

बेटियां

Posted by Jasmine Singh on September 28, 2020 at 8:39am 0 Comments

शादी क्या हुई !!

Posted by Jasmine Singh on September 26, 2020 at 11:27pm 0 Comments

The two universes unites

Posted by Sakshi garg on September 26, 2020 at 8:47pm 0 Comments

मां

Posted by Monica Sharma on September 25, 2020 at 11:45pm 0 Comments

मेरी ख़ामोश सी निग़ाहों को

बिन कहे पढ़ लेती है

मेरी भूल को छुपाने को

दुनिया से लड़ लेती है

जो वजूद है मेरा,उसका कहना ही क्या

भगवान से भी पहले, आती है मेरी मां

कितने राज़ थे मेरे

जो दुनिया से छुपाए बैठी है

अपनी पलकों में आंसू

मोती से सजाएं बैठी है

मेरी छोटी सी उफ़ पर

रातों को भूल जाती थी

सिराहने बैठ मेरे प्यार से

सिर को सहलाती थी

टुकड़े हाथों से तोड़ कर

जब मुझे खिलाती थी

खाता देख मुझे उसको

तृप्ति मिल जाती…

Continue

मेरा प्यार मुझसे रूठ गया

Posted by Monica Sharma on September 22, 2020 at 7:25pm 0 Comments

एक तारा अंबर से टूट सा गया

मेरा प्यार मुझसे रूठ सा गया

जाने किस बात पर की अनबन

तोड़ लिया रिश्ता जैसे टूटे दर्पण

कहा था तुमने कभी तुम छाता हो मेरा

संभालू ठीक से तो उम्र भर रहेगा मेरा

बदलकर आज वो मुझे लूट सा गया

मेरा प्यार मुझसे रूठ सा गया

मनाया लाख पर उसने कहां मानी

मेरे प्यार को समझा कोई झूठी कहानी

हज़ारों बार मैंने उसे फ़रियाद भेजी

पर वक़्त की कमी में उसने न देखी

संग चलने का वादा था वो टूट सा गया

मेरा प्यार मुझसे रूठ सा…

Continue

एक तरफा प्यार

Posted by Sakshi garg on September 21, 2020 at 5:21pm 0 Comments

कभी कभी लगता है कि तुमसे मेरा प्यार आज भी एक तरफा ही है ।

तुम्हारी एक झलक के लिए मै हर पल उतावली हूं, 

तुम भी देखो मुझे प्यार से इसी की मैं प्यासी हूं, 

पर तुम देखते ही नहीं मुझे उस तरह, 

जिस तरह मै देखती हूं तुम्हे हर दफा, 

शायद किस्मत मुझसे खफा ही है... 

कभी कभी लगता है कि तुमसे मेरा प्यार आज भी एक तरफा ही है ।।

जो रातें अकसर जागती हूँ तेरी यादों में उनका कहीं बहीखाता होगा क्या ..Ra$hi

Posted by Rashmi on September 19, 2020 at 9:44pm 0 Comments

जो रातें अकसर जागती हूँ तेरी यादों में उनका कहीं बहीखाता होगा क्या ..Ra$hi

Continue

मेरे पतिदेव

Posted by Monica Sharma on September 18, 2020 at 8:14pm 0 Comments

लाखों की भीड़ में सबसे जुदा

मानो न मानो वो है मेरा खुदा

दिल में न उसके है कोई फरेब

ऐसे प्यारे से है मेरे पतिदेव

हर जिम्मेदारी को हंस कर निभाना

हो मुश्किल कभी तो लगे गाने गाना

ढूंढ न सकोगे उनमें कोई भी एब

ऐसे प्यारे से है मेरे पतिदेव

चाहत कभी वो जताते नही

मीठी- मीठी बातें कभी वो बनाते नही

सातों जन्म न मिले तो होगा मुझे खेद

ऐसे प्यारे से है मेरे पतिदेव

तेरा गुस्सा और नखरा सब सह जाऊंगी

बहती आंखों से बाते सब कह जाऊंगी

तेरी…

Continue

Radhakrishn

Posted by Sakshi garg on September 18, 2020 at 12:12pm 0 Comments

चेहरा नहीं किताब हैं वो !

Posted by Jasmine Singh on September 18, 2020 at 12:01pm 0 Comments

चेहरा नहीं किताब हैं वो,
आम होकर भी बहुत नायाब हैं वो,
रोज़ करती हूं कोशिश,
उन हसरतों को पढ़ने की,
जिन्हे छुपाने में बहुत उस्ताद हैं वो !
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