Made in India
रूठ जाने को दिल चाहता है
पर मनाओगे या नही
इस बात से डर लगता है
आंखों से बहते है झरने से आंसू
तुम हंसाओगे या नही
इस बात से डर लगता है
कहते हो मुझ में खूबी बहुत है
गले से लगाओगे या नही
इस बात से डर लगता है
इंतज़ार पर तेरे तो हक़ है मेरा
पर इस राह से आओगे या नही
इस बात से डर लगता है
ज़ख़्म इतने है के दिखा ना सके
मरहम लगाओगे या नही
इस बात से डर लगता है
तेरे लिए मौत को भी गले लगा ले
आखिरी पल देखने आओगे या नही
इस…
Added by Monica Sharma on January 24, 2021 at 11:02pm — No Comments
शानदार रिश्ते चाहिए
तो उन्हें गहराई से निभाएं
भूल होती है सभी से
पर अपनों के ज़ख्मों पर मरहम लगाए
तेरी मीठी सी मुस्कान
दवा सा असर दिखाती है
कंधे पर रख कर सिर
जब तू मुझे समझाती है
ग़म की गहरी काली रात भी
खुशनुमा सुबहों में बदल जाती है
मैं साथ हूं तेरे ये बात जब तू दोहराती है
मिस्री सी जैसे मेरे कानों में घुल जाती है
सुनो। कह कर जब बहाने से तू मुझे बुलाती है
मेरे" जी" कहने पर फिर आंखों से शर्माती है
बिन कहे तू जब इतना प्यार…
Added by Monica Sharma on January 7, 2021 at 6:50pm — No Comments
जवाब दे सको शायद
ये तेरे लिए मुमकिन ही नही
मगर इंतजार पर आपके
बस हक़ है मेरा
बिन कहे तेरी आंखों को पढ़
ले जिस दिन
समझो इश्क़ मुकमिल हुआ मेरा उस दिन
हसरत है तेरी ज़रूरत नहीं ख्वाहिश बन जाएं
जिद है मेरी हर सांस पे तेरा नाम आए
जिस दिन देख मेरी आंखों की नमी
तुझे महसूस हो जाएं कहीं मेरी कमी
मेरे सवाल तुमसे जुड़ने का बहाना है
वरना हमें भीड़ में भी नही ठिकाना है
जीते है तुझे खुश करने को हम
तेरे आंगन में खुशियों के रंग भरने को…
Added by Monica Sharma on January 7, 2021 at 6:30pm — No Comments
तुम से लड़ते हैं के मेरे
लिए "ख़ास" हो तुम ।
अपने ना होते तो"हार"
कर जाने देते तुम्हें ।
हक़ जताते है तुम पर
क्युकिं
हक़ दिया है तुमने
बेवजह तो इजाज़त"अश्कों"
को भी नही देते हुए हम
मोनिका शर्मा
Added by Monica Sharma on December 4, 2020 at 2:12pm — No Comments
ये प्रेम और परवाह की,
कवायद भी अजीब है।
पाया नही है जिसको,उसे
खोना भी नही चाहते
हो ना सके तेरे जो,
किसी और के भी होना नही चाहते
हमें इश्क़ है तुमसे, ये ज़माने को दिखाएंगे
तेरी ख़ामोशी को अपने ,बोल हम बनाएंगे
मोहब्बत आज भी तुझसे है,कल भी करेंगे
अपनी आख़िरी सांस तक,
हम मोहब्बत ही निभायेगे
तेरे सजदे में एक बार नही
सौ बार सर झुकाएंगे
अगर सच्ची है मोहब्बत मेरी,
तो सातों जन्म हम तुम्हें पाएंगे....
Added by Monica Sharma on November 27, 2020 at 8:00pm — No Comments
धीरे-धीरे सब दूर होते गए
वक़्त के आगे मजबूर होते गए
रिश्तों में हमने ऐसी चोट खाई की
बस हम बेवफ़ा और सब बेकसूर होते गए
इल्ज़ामों की श्रृंखला बड़ी लंबी थी साहेब
वो लगाते गए हम मुस्कुराते गए
अपनी झुकी हुई भीगी पलकों के नीचे
जख्म ए इश्क़ हम छुपाते चले गए
बरसों किया इंतजार हमने
तेरी मीठी सी मुस्कान का
पर बेरहम तुम नजरों से
कत्ल करने को खंजर चलाते गए
जिक्र ए इश्क़ जो कभी सुनाई दे
जुबां पे तेरा नाम और
नज़रों में तेरा अक्स दिखाई…
Added by Monica Sharma on October 14, 2020 at 9:12pm — No Comments
बड़ा गुरूर था हमें अपनी मोहब्बत पर
भ्रम तो तब टूटा जब तेरे वजूद में
अपने लिए जगह भी न मिली
सोचा था तेरे दिल में जगह बना ली है
हकीकत तो तेरी यादों में भी ना थे हम
बड़े बड़े तूफ़ान ना हिला सके हमें
तेरी ख़ामोशी ने झकझोर दिया
उम्मीद न रही तेरे प्यार की जब
लगा जैसे अपनों ने ही मुंह मोड़ लिया
जी रहे थे जिंदगी किसी भ्रम में हम
अब तो उस भ्रम ने भी साथ छोड़ दिया
Added by Monica Sharma on October 5, 2020 at 11:27pm — No Comments
जाने क्यूं ऐसा व्याकुल और व्यथित है मेरा मन
तेरी ख़ामोश सी निग़ाहों को पढ़ना अब हो गया कठिन
एक दौर था जब हम बिन कहे समझ जाते थे
तेरे मन की हर बात को अपनी आंखों से समझाते थे
मेरे मन के समंदर में गोते लगाती है भावनाएं
शायद तेरे दिल के अक्स पर मेरा प्रतिबिंब बन जाए
प्रेम, प्यार और तृष्णा का बुन गया है ताना बाना
भाव नदी में बह गया मन अब हाथ ना कुछ भी आना
सोचा मन पर संयम रख लूं कर्तव्य सभी मैं पूरे कर लूं
पर जैसे नदी की धारा पर चलता नही है…
Added by Monica Sharma on October 1, 2020 at 11:42pm — No Comments
मेरी ख़ामोश सी निग़ाहों को
बिन कहे पढ़ लेती है
मेरी भूल को छुपाने को
दुनिया से लड़ लेती है
जो वजूद है मेरा,उसका कहना ही क्या
भगवान से भी पहले, आती है मेरी मां
कितने राज़ थे मेरे
जो दुनिया से छुपाए बैठी है
अपनी पलकों में आंसू
मोती से सजाएं बैठी है
मेरी छोटी सी उफ़ पर
रातों को भूल जाती थी
सिराहने बैठ मेरे प्यार से
सिर को सहलाती थी
टुकड़े हाथों से तोड़ कर
जब मुझे खिलाती थी
खाता देख मुझे उसको
तृप्ति मिल जाती…
Added by Monica Sharma on September 25, 2020 at 11:45pm — No Comments
एक तारा अंबर से टूट सा गया
मेरा प्यार मुझसे रूठ सा गया
जाने किस बात पर की अनबन
तोड़ लिया रिश्ता जैसे टूटे दर्पण
कहा था तुमने कभी तुम छाता हो मेरा
संभालू ठीक से तो उम्र भर रहेगा मेरा
बदलकर आज वो मुझे लूट सा गया
मेरा प्यार मुझसे रूठ सा गया
मनाया लाख पर उसने कहां मानी
मेरे प्यार को समझा कोई झूठी कहानी
हज़ारों बार मैंने उसे फ़रियाद भेजी
पर वक़्त की कमी में उसने न देखी
संग चलने का वादा था वो टूट सा गया
मेरा प्यार मुझसे रूठ सा…
Added by Monica Sharma on September 22, 2020 at 7:25pm — No Comments
लाखों की भीड़ में सबसे जुदा
मानो न मानो वो है मेरा खुदा
दिल में न उसके है कोई फरेब
ऐसे प्यारे से है मेरे पतिदेव
हर जिम्मेदारी को हंस कर निभाना
हो मुश्किल कभी तो लगे गाने गाना
ढूंढ न सकोगे उनमें कोई भी एब
ऐसे प्यारे से है मेरे पतिदेव
चाहत कभी वो जताते नही
मीठी- मीठी बातें कभी वो बनाते नही
सातों जन्म न मिले तो होगा मुझे खेद
ऐसे प्यारे से है मेरे पतिदेव
तेरा गुस्सा और नखरा सब सह जाऊंगी
बहती आंखों से बाते सब कह जाऊंगी
तेरी…
Added by Monica Sharma on September 18, 2020 at 8:14pm — No Comments
दूर रह कर भी तुम से जुड़ी है आस
अब तो समझ जाओ के तुम हो ख़ास
बारिश की पहली बूंद से हो तुम
पत्तों पे गिरी ओस से हो गुम
देखने से तुमको रुकती हर सांस
अब तो समझ जाओ के तुम हो ख़ास
मेरी यादों से जुड़े एहसास हो
मेरी कविता में लिखे अल्फ़ाज़ हो
मेरी आंखों को जो सुकून दे
वो जलता हुआ चिराग हो
राधा मैं तेरी कब रचाओगे रास
अब तो समझ जाओ के तुम हो ख़ास
तेरी आवाज़ की खनक,मेरी आंखो में चमक लाती है
जैसे रेगिस्तान में कही दूर बारिश की सदा आती…
Added by Monica Sharma on September 16, 2020 at 2:38pm — No Comments
हिन्दी दिवस की बेला है,लगा कविताओं का मेला है
सभ्यता का मेल है, शब्दों का अनूठा खेल है
हिंदी की माला में मोती अनेक
सब भाषाओं में सबसे ये नेक
वीणा के साज सा भारत के ताज सा
अपना के हिंदी को खुद पर है नाज़ सा
हिंदी भाषा तो ज्ञान का भंडार है
अमूल्य वेदों का इसमें सार है
अलंकारों से हिंदी का होता श्रृंगार है
वर्णों को जोड़कर बनाया एक हार है
भाषाओं की जननी है, जोड़ने में अग्रणी है
राष्ट्र भाषा का सही इसे मान दिलाया है
हिन्दी का गौरव आज…
Added by Monica Sharma on September 14, 2020 at 11:03pm — No Comments
जिंदगी की कशमकश में ऐसे उलझ जाओगे
सोचा ना था कभी तुम इतना याद आओगे
रेत से मेरे हाथों से यूं फिसल जाओगे
सोचा ना था कभी तुम इतना याद आओगे
याद है तुझसे वो पहली मुलाकात
जब मुस्कुराते हुए तूने थामा था मेरा हाथ
अपने हाथों की नमी,मेरे हाथों में छोड़ जाओगे
सोचा ना था कभी तुम इतना याद आओगे
वो छोटी छोटी बातों पर तेरा रूठ जाना
कोशिश करूं हज़ार पर फिर भी ना मुस्कुराना
अब मान भी जाओ, और कितना सताओगे
सोचा ना था कभी तुम इतना याद आओगे
दूरियों से…
Added by Monica Sharma on September 12, 2020 at 11:55pm — 2 Comments
Posted by Hemshila maheshwari on March 10, 2024 at 5:19pm 0 Comments 0 Likes
Posted by Hemshila maheshwari on March 10, 2024 at 5:18pm 0 Comments 0 Likes
Posted by Hemshila maheshwari on September 12, 2023 at 10:31am 0 Comments 1 Like
Posted by Pooja Yadav shawak on July 31, 2021 at 10:01am 0 Comments 1 Like
Posted by Jasmine Singh on July 15, 2021 at 6:25pm 0 Comments 1 Like
Posted by Pooja Yadav shawak on July 6, 2021 at 12:15pm 1 Comment 2 Likes
Posted by Pooja Yadav shawak on June 25, 2021 at 10:04pm 0 Comments 3 Likes
Posted by Pooja Yadav shawak on March 24, 2021 at 1:54pm 1 Comment 1 Like
वो जो हँसते हुए दिखते है न लोग
अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है
पराये अहसासों को लफ़्ज देतें है
खुद के दर्द पर खामोश रहते है
जो पोछतें दूसरे के आँसू अक्सर
खुद अँधेरे में तकिये को भिगोते है
वो जो हँसते हुए दिखते है लोग
अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है
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