Hasmukh amathalal mehta's Blog – August 2018 Archive (56)

Good comments

Good comments 

Friday, 31st August 2018

 

It is reciprocal …

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 31, 2018 at 7:11am — No Comments

It's pleasure

It's pleasure

Friday,31st August 2018

 

Yes. it is pleasure…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 31, 2018 at 6:57am — No Comments

Relief

Relief
Friday, 31st August 2018
 
Tears are always there
to make…
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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 31, 2018 at 6:41am — No Comments

The words are

The Words are 

Wednesday, 29th August 2018

 

Yes, I feel the pleasure…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 29, 2018 at 6:30am — No Comments

Masterstroke of the language

Masterstroke

Wednesday,29th August 2018

 

Language always helps

to bridge the gulf and keeps…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 29, 2018 at 6:00am — No Comments

मिलना मुश्किल

मिलना मुश्किल 

मंगलवार, २९ अगस्त २०१८ 



कठोरता 

और मृदुता 

साथ में चल नहीं सकती 

दोनों चीजों का मेल नहीं बना सकती। 



पर संभव जरूर है 

इंसान की ये तासीर है 

और मिजाज भी अक्सीर है 

चेहरे से कठोरता और भीतर…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 28, 2018 at 3:30pm — No Comments

Love with hatred

 

Love with hatred

Tuesday, August 28, 2018

10:29 AM…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 28, 2018 at 3:15pm — No Comments

Love with hatred

 

Love with hatred

Tuesday, August 28, 2018

10:29 AM…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 28, 2018 at 3:15pm — No Comments

હેત ના છોડ

હેત ના છોડ

મંગળવાર,28 ઓગસ્ટ 2018



કરજો કદર જતા ની

"આવજો" ની ભેટ તોઆપજો જતા ની

પરોણા ની આગતાસ્વાગતા ના કરી શકોતો કૈં નહિ 

પણ મન માં રહેલા અણગમા ને તો વ્યક્ત કરશો જ નહિ। 



ક્યાં ઉણપ છે દુનિયા માં વેરભાવના ની! 

અને દુર્ભાવના ની જતન…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 28, 2018 at 2:58pm — No Comments

Faith keeps us

 

Faith keeps us 

 

Monday,27th August 2o18

 …

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 27, 2018 at 7:08am — No Comments

Trust creator

True creator

Sunday, 26th August 2018

 

Reinvent yourself within

and find the scene

with the conscience

you will find His presence

 

whatever you may present

that shall be with his consent

you shall always be recognized

and your action shall be obliged

 

if we believe…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 26, 2018 at 6:12am — No Comments

Simple mean

Simple mean

Sunday, 26th August 2018

 …

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 26, 2018 at 6:02am — No Comments

Feel no sore

Feel no sore

Saturday,26th August 2018…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 25, 2018 at 1:29pm — No Comments

Best method

Best method

Saturday, 26th August 2018

 

Pause

and find the cause

for the irritation

and rationale behind

 

anything, which is done in haste

it lasts no long

and leads you to go

and disproportionately blow

 

step forward

but with a word

to inner…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 25, 2018 at 1:19pm — No Comments

The life with an angle

Reasons for 

Thursday, 23rd August 2018

 

The life has to be a special…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 23, 2018 at 6:40am — No Comments

With a rose in hand

With a rose in hand

Wednesday,22nd August 2018

 

I dreamed only her

and ran after

wherever she moved

and almost proved

 

not that she was pretty smart

or looked a piece of an art

but I wanted her from the very start

and make her to be the part

 

I was unsure

about the…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 23, 2018 at 6:31am — No Comments

The personal approach

Personal approach
Thursday,23rd August 2013
 
An argument is no answer
for…
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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 23, 2018 at 6:17am — No Comments

Until the cessation

Until the cessation 

Tuesday, 21st August 2018

It may matter less

if we have to face

by following an untrue path 

and fearing  each moment the possible death 

it is material 

what preachers preach to the people!

what others might say

we should think clearly and stay 

If I believe in destiny

and leave it to the…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 21, 2018 at 10:37am — No Comments

No to any reply

No to any reply
Tuesday, 22nd August 2018
 
It is simply the human nature…
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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 21, 2018 at 9:28am — No Comments

सुख का भागी

सुख का भागी

सोमवार, २० अगस्त २०१८

 

नगर हो या शहर

प्रेम का प्रस्रा हुआ है जहर

कोई नहीं है माहिर प्रेम का

बस रोग है एक जोम का।

 

खोने का मतलब रोना नहीं

पाने का मतलब हंसना नहीं

प्रेम बस प्रेम ही है

मिल जाएतो कुशलक्षेम ही है।

 

पाकर धन्य हो जाओ

खोकर शून्य ना हो…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 20, 2018 at 9:54pm — No Comments

Blog Posts

परिक्षा

Posted by Hemshila maheshwari on March 10, 2024 at 5:19pm 0 Comments

होती है आज के युग मे भी परिक्षा !



अग्नि ना सही

अंदेशे कर देते है आज की सीता को भस्मीभूत !



रिश्तों की प्रत्यंचा पर सदा संधान लिए रहेता है वह तीर जो स्त्री को उसकी मुस्कुराहट, चूलबलेपन ओर सबसे हिलमिल रहेने की काबिलियत पर गडा जाता है सीने मे !



परीक्षा महज एक निमित थी

सीता की घर वापसी की !



धरती की गोद सदैव तत्पर थी सीताके दुलार करने को!

अब की कुछ सीता तरसती है माँ की गोद !

मायके की अपनी ख्वाहिशो पर खरी उतरते भूल जाती है, देर-सवेर उस… Continue

ग़ज़ल

Posted by Hemshila maheshwari on March 10, 2024 at 5:18pm 0 Comments

इसी बहाने मेरे आसपास रहने लगे मैं चाहता हूं कि तू भी उदास रहने लगे

कभी कभी की उदासी भली लगी ऐसी कि हम दीवाने मुसलसल उदास रहने लगे

अज़ीम लोग थे टूटे तो इक वक़ार के साथ किसी से कुछ न कहा बस उदास रहने लगे

तुझे हमारा तबस्सुम उदास करता था तेरी ख़ुशी के लिए हम उदास रहने लगे

उदासी एक इबादत है इश्क़ मज़हब की वो कामयाब हुए जो उदास रहने लगे

Evergreen love

Posted by Hemshila maheshwari on September 12, 2023 at 10:31am 0 Comments

*પ્રેમમય આકાંક્ષા*



અધૂરા રહી ગયેલા અરમાન

આજે પણ

આંટાફેરા મારતા હોય છે ,

જાડા ચશ્મા ને પાકેલા મોતિયાના

ભેજ વચ્ચે....



યથાવત હોય છે

જીવનનો લલચામણો સ્વાદ ,

બોખા દાંત ને લપલપતી

જીભ વચ્ચે



વીતી ગયો જે સમય

આવશે જરુર પાછો.

આશ્વાસનના વળાંકે

મીટ માંડી રાખે છે,

ઉંમરલાયક નાદાન મન



વળેલી કેડ ને કપાળે સળ

છતાંય

વધે ઘટે છે હૈયાની ધડક

એના આવવાના અણસારે.....



આંગણે અવસરનો માહોલ રચી

મૌન… Continue

जिन्दा हों तो जिंदगी कि मिसाल बनो

Posted by Pooja Yadav shawak on July 31, 2021 at 10:01am 0 Comments

जिन्दा हों तो जिंदगी कि मिसाल बनो

झूठ का साथी नहीं सच का सवाल बनो

यूँ तो जलती है माचिस कि तीलियाँ भी

बात तो तब है जब धहकती मशाल बनो



रोक लो तूफानों को यूँ बांहो में भींचकर

जला दो गम का लम्हा दिलों से खींचकर

कदम दर कदम और भी ऊँची उड़ान भरो

जिन्दा हों तो जिंदगी कि मिसाल बनो

झूठ का साथी नहीं सच का सवाल बनो



यूँ तो अक्सर बातें तुझ पर बनती रहेंगी

तोहमते तो फूल बनकर बरसा ही करेंगी

एक एक तंज पिरोकर जीत का हार करो

जिन्दा हों तो जिंदगी… Continue

No more pink

Posted by Pooja Yadav shawak on July 6, 2021 at 12:15pm 1 Comment

नो मोर पिंक

क्या रंग किसी का व्यक्तित्व परिभाषित कर सकता है नीला है तो लड़का गुलाबी है तो लड़की का रंग सुनने में कुछ अलग सा लगता है हमारे कानो को लड़कियों के सम्बोधन में अक्सर सुनने की आदत है.लम्बे बालों वाली लड़की साड़ी वाली लड़की तीख़े नयन वाली लड़की कोमल सी लड़की गोरी इत्यादि इत्यादि

कियों जन्म के बाद जब जीवन एक कोरे कागज़ की तरह होता हो चाहे बालक हो बालिका हो उनको खिलौनो तक में श्रेणी में बाँट दिया जता है लड़का है तो कार से गन से खेलेगा लड़की है तो गुड़िया ला दो बड़ी हुई तो डांस सिखा दो जैसे… Continue

यूँ ही मिल जाती जिंदगी तो क्या बात थी

Posted by Pooja Yadav shawak on June 25, 2021 at 10:04pm 0 Comments

यूँ ही मिल जाती जिंदगी तो क्या बात थी
मुश्किलों ने तुझे पाने के काबिल बना दिया
न रुलाती तू मुझे अगर दर्द मे डुबो डुबो कर
फिर खुशियों की मेरे आगे क्या औकात थी
तूने थपकियों से नहीं थपेड़ो से सहलाया है
खींचकर आसमान मुझे ज़मीन से मिलाया है
मेरी चादर से लम्बे तूने मुझे पैर तो दें डाले
चादर को पैरों तक पहुंचाया ये बड़ी बात की
यूँ ही मिल जाती जिंदगी तो क्या बात थी
मुश्किलों ने तुझे पाने के काबिल बना दिया
Pooja yadav shawak

Let me kiss you !

Posted by Jasmine Singh on April 17, 2021 at 2:07am 0 Comments

वो जो हँसते हुए दिखते है न लोग अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है पराये अहसासों को लफ़्ज देतें है खुद के दर्द पर खामोश रहते है जो पोछतें दूसरे के आँसू अक्सर खुद अँधेरे में तकिये को भिगोते है वो जो हँसते…

Posted by Pooja Yadav shawak on March 24, 2021 at 1:54pm 1 Comment

वो जो हँसते हुए दिखते है न लोग
अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है
पराये अहसासों को लफ़्ज देतें है
खुद के दर्द पर खामोश रहते है
जो पोछतें दूसरे के आँसू अक्सर
खुद अँधेरे में तकिये को भिगोते है
वो जो हँसते हुए दिखते है लोग
अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है

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