Hasmukh amathalal mehta's Blog – August 2017 Archive (9)

Laid like flower

 

Laid like flower

 

She was laid like flower

With new cloths wrapped all over

Only mouth was kept open

She was already heavenly gone

 

She was my mother- in- law

She always kept low

With words and behavior

And lived with personal honor

 

She paid for each item purchased

That…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 19, 2017 at 4:16pm — No Comments

પર્યુષણ પર્વ

પર્યુષણ પર્વ

 

નિજ ના વખાણ

કઈ વાપરીશું ખાણ?

જે કદી ના આવવા દે ઉપર

તમને ઊંઘ નહિ આવે શૈયા પર।

 

મનનો મેલ

કરે છે બધો ખેલ

કેટલો બધો દેખાવ?

અને દેખાઈ આવે તેવો ભેદભાવ!

 

સદી ઓ વીતી ગઈ

કાળ નો કોરડો વીંઝતી ગઈ

છતાં આપણે ઠેરના ઠેર

એજ જૂની બોટલ માં નવા…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 18, 2017 at 10:33am — No Comments

Anarchy

Anarchy

 

They are from us

Who have distrust?

Mind totally poisoned

And turned terrorists

 

The religion is just weapon

To get funds from other nations

Involve in bloodbath

In the name of faith

 

But not all people support

Under fear they have lost

Their homes and had to flee

Nowhere is place to feel free

 

Some have crossed over in disguise

To surprise

Western…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 18, 2017 at 10:05am — No Comments

મન સાથે સુલેહ

 

દરેક વર્ષ

લાવે ચેતના અને હર્ષ

હું હંમેશા કહું" મિચ્છામી  દુક્કડમ "

પણ મન મને કહે "કદીક રહે મક્કમ"

 

બધાની દેખાદેખી

હું પણ મારું શેખી

બધાજ દિવસોએ ભગવાન ના સાનિદયમાં રહું

પ્રવચન ને સાંભળું

લાગે મન ને સુખદાયક અને હૂંફાળું।

 

દરેક ને મન એક પાવન પ્રસંગ

વિતાવવાનો સમય પ્રભુ ને…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 17, 2017 at 6:50pm — No Comments

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 17, 2017 at 6:49pm — No Comments

To soldeirs

To soldeirs

 

Millions of Indian women

May wish for their brothers heaven

Long life and happy journey

Along with no death or tragedy

 

They shall carry round plate

With colorful bright threads

With inscription of long life

Stars and many drawings on that sacred tie

 

Brother wishes…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 7, 2017 at 4:06am — No Comments

તમારો દાસ

તમારો દાસ

 

કુદરત ના ખોળે

કળા ખીલે સોના આને

હું એને વધૂ માનું

શીશ હંમેશા નમાવું

 

મિત્રતા ને અનુભવું

અને તેને અનુસરું પણ

આછે ઘણું અઘરું

અને સાથે સાથે કપરું।

 

શું છે આની વિશિષ્ટતા ?

શા માટે જોઈએ સ્પષ્ટતા ?

જુઓ તો ખરા વિધિ ની વક્રતા !

કુદરતે નિભાવી છે નિષ્ઠા બની…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 6, 2017 at 4:50pm — No Comments

Keep thoughts

Keep thoughts

 

Keep thoughts

In bunches

And release

But don’t delete from mind please

 

It is your eruption

From mind and heart’s relation

That speaks about wide field

To be kept near divinity and held

 

One friend openly charged

And blamed

About not knowing of poetical…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 4, 2017 at 10:16pm — No Comments

वतन में

वतन में

 

चट्टान

जैसी हो मुस्कान

फूल बिखेरती

अपना बनाती।

 

हर चीज़ में अपनापन

कभी माँ दिखे गैरोपन

सब अपने कोई नहीं पराये

हमेशा  हम उन्हें गले लगाए।

 

चले तो हमने जाना ही है

पीछे खुश्बु जरूर छोड़ जानी है

पौधा कल जरूर बड़ा हो जाएगा

अपनी रंगत जरूर…

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Added by Hasmukh amathalal mehta on August 4, 2017 at 9:26am — No Comments

Blog Posts

परिक्षा

Posted by Hemshila maheshwari on March 10, 2024 at 5:19pm 0 Comments

होती है आज के युग मे भी परिक्षा !



अग्नि ना सही

अंदेशे कर देते है आज की सीता को भस्मीभूत !



रिश्तों की प्रत्यंचा पर सदा संधान लिए रहेता है वह तीर जो स्त्री को उसकी मुस्कुराहट, चूलबलेपन ओर सबसे हिलमिल रहेने की काबिलियत पर गडा जाता है सीने मे !



परीक्षा महज एक निमित थी

सीता की घर वापसी की !



धरती की गोद सदैव तत्पर थी सीताके दुलार करने को!

अब की कुछ सीता तरसती है माँ की गोद !

मायके की अपनी ख्वाहिशो पर खरी उतरते भूल जाती है, देर-सवेर उस… Continue

ग़ज़ल

Posted by Hemshila maheshwari on March 10, 2024 at 5:18pm 0 Comments

इसी बहाने मेरे आसपास रहने लगे मैं चाहता हूं कि तू भी उदास रहने लगे

कभी कभी की उदासी भली लगी ऐसी कि हम दीवाने मुसलसल उदास रहने लगे

अज़ीम लोग थे टूटे तो इक वक़ार के साथ किसी से कुछ न कहा बस उदास रहने लगे

तुझे हमारा तबस्सुम उदास करता था तेरी ख़ुशी के लिए हम उदास रहने लगे

उदासी एक इबादत है इश्क़ मज़हब की वो कामयाब हुए जो उदास रहने लगे

Evergreen love

Posted by Hemshila maheshwari on September 12, 2023 at 10:31am 0 Comments

*પ્રેમમય આકાંક્ષા*



અધૂરા રહી ગયેલા અરમાન

આજે પણ

આંટાફેરા મારતા હોય છે ,

જાડા ચશ્મા ને પાકેલા મોતિયાના

ભેજ વચ્ચે....



યથાવત હોય છે

જીવનનો લલચામણો સ્વાદ ,

બોખા દાંત ને લપલપતી

જીભ વચ્ચે



વીતી ગયો જે સમય

આવશે જરુર પાછો.

આશ્વાસનના વળાંકે

મીટ માંડી રાખે છે,

ઉંમરલાયક નાદાન મન



વળેલી કેડ ને કપાળે સળ

છતાંય

વધે ઘટે છે હૈયાની ધડક

એના આવવાના અણસારે.....



આંગણે અવસરનો માહોલ રચી

મૌન… Continue

जिन्दा हों तो जिंदगी कि मिसाल बनो

Posted by Pooja Yadav shawak on July 31, 2021 at 10:01am 0 Comments

जिन्दा हों तो जिंदगी कि मिसाल बनो

झूठ का साथी नहीं सच का सवाल बनो

यूँ तो जलती है माचिस कि तीलियाँ भी

बात तो तब है जब धहकती मशाल बनो



रोक लो तूफानों को यूँ बांहो में भींचकर

जला दो गम का लम्हा दिलों से खींचकर

कदम दर कदम और भी ऊँची उड़ान भरो

जिन्दा हों तो जिंदगी कि मिसाल बनो

झूठ का साथी नहीं सच का सवाल बनो



यूँ तो अक्सर बातें तुझ पर बनती रहेंगी

तोहमते तो फूल बनकर बरसा ही करेंगी

एक एक तंज पिरोकर जीत का हार करो

जिन्दा हों तो जिंदगी… Continue

No more pink

Posted by Pooja Yadav shawak on July 6, 2021 at 12:15pm 1 Comment

नो मोर पिंक

क्या रंग किसी का व्यक्तित्व परिभाषित कर सकता है नीला है तो लड़का गुलाबी है तो लड़की का रंग सुनने में कुछ अलग सा लगता है हमारे कानो को लड़कियों के सम्बोधन में अक्सर सुनने की आदत है.लम्बे बालों वाली लड़की साड़ी वाली लड़की तीख़े नयन वाली लड़की कोमल सी लड़की गोरी इत्यादि इत्यादि

कियों जन्म के बाद जब जीवन एक कोरे कागज़ की तरह होता हो चाहे बालक हो बालिका हो उनको खिलौनो तक में श्रेणी में बाँट दिया जता है लड़का है तो कार से गन से खेलेगा लड़की है तो गुड़िया ला दो बड़ी हुई तो डांस सिखा दो जैसे… Continue

यूँ ही मिल जाती जिंदगी तो क्या बात थी

Posted by Pooja Yadav shawak on June 25, 2021 at 10:04pm 0 Comments

यूँ ही मिल जाती जिंदगी तो क्या बात थी
मुश्किलों ने तुझे पाने के काबिल बना दिया
न रुलाती तू मुझे अगर दर्द मे डुबो डुबो कर
फिर खुशियों की मेरे आगे क्या औकात थी
तूने थपकियों से नहीं थपेड़ो से सहलाया है
खींचकर आसमान मुझे ज़मीन से मिलाया है
मेरी चादर से लम्बे तूने मुझे पैर तो दें डाले
चादर को पैरों तक पहुंचाया ये बड़ी बात की
यूँ ही मिल जाती जिंदगी तो क्या बात थी
मुश्किलों ने तुझे पाने के काबिल बना दिया
Pooja yadav shawak

Let me kiss you !

Posted by Jasmine Singh on April 17, 2021 at 2:07am 0 Comments

वो जो हँसते हुए दिखते है न लोग अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है पराये अहसासों को लफ़्ज देतें है खुद के दर्द पर खामोश रहते है जो पोछतें दूसरे के आँसू अक्सर खुद अँधेरे में तकिये को भिगोते है वो जो हँसते…

Posted by Pooja Yadav shawak on March 24, 2021 at 1:54pm 1 Comment

वो जो हँसते हुए दिखते है न लोग
अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है
पराये अहसासों को लफ़्ज देतें है
खुद के दर्द पर खामोश रहते है
जो पोछतें दूसरे के आँसू अक्सर
खुद अँधेरे में तकिये को भिगोते है
वो जो हँसते हुए दिखते है लोग
अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है

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