Dhruti Sanjiv's Blog – May 2013 Archive (7)

मेरी अपनी...

कुछ अजीबसी
हरकतें करती रही...

सपनों से हकीकतके रास्तेमें
बेवजह अंगडाईयाँ लेती रही...

अपनों की चाह्में बार बार
गुमराह होती रही...

पथरीली राहोमें...
बेजिज़क चलती रही
और मखमली राहोमें...
न जाने क्यूँ ठोकरे खाती रही!!

वैसे तो मेरी ही है...
पर कभी कभी गैरों जेसी लगती रही...
ये जिंदगी!!

~धृति

Added by Dhruti Sanjiv on May 31, 2013 at 8:05pm — 2 Comments

ભવસાગર...

કહેવાય કે ભવસાગર તરી ગયા
તોયે અવસર હાથમાંથી સરી ગયા
સામે કિનારે પહોંચીને સમજાયું કે...
પડછાયા પણ અડધેથી ફરી ગયા

~ ધૃતિ...

Added by Dhruti Sanjiv on May 29, 2013 at 8:53am — No Comments

હયાતી

આપણી હયાતી
એટલે
સમંદરની રેતી...
કણેકણ વિખૂટી
પણ
અડોઅડ થઈને રહેતી.

~ધૃતિ...

Added by Dhruti Sanjiv on May 24, 2013 at 7:34am — 2 Comments

पिंजरा...

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Added by Dhruti Sanjiv on May 17, 2013 at 7:36pm — No Comments

મે ૮...

પેલી ખડકીમાં સૂતેલો એ કૂતરો નડ્યો’તો,

ને બરફનાં ગોળાનો ચસ્કો ભારે પડ્યો’તો,



ટીંગ ટીંગ ઘંટડી ખાસ્સી દૂર પહોંચી પછી...

માંડ માંડ નાનીથી પંજો ને દસકો મળ્યો’તો,



એય છુછ્-છુછ-હટ કહી સમજાવતી હતી...

ત્યાં જ અધિરી લાતે જોરથી પગને ધર્યો’તો,



કાલાખટ્ટા ઓરેન્જ ને રોઝ શરબતના સમ...

એને અડી યે નો’તી ને એ કરડવા મંડ્યો’તો,



મે આંઠને જ દા’ડે મેં ભેંકડો તાણ્યોતો પછી...

ચૌદ ઇન્જેકશન…

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Added by Dhruti Sanjiv on May 8, 2013 at 6:41am — No Comments

દરિયો..

આ દરિયો એટલે
પૃથ્વીની મહેનતનો
પસીનો કે
એની જહેમત પર
આપણે ફેરવેલા પાણી
જોઈને આવેલાં
આંસુ ?

~ધૃતિ...

Added by Dhruti Sanjiv on May 7, 2013 at 8:38am — No Comments

પૈણ...

આ ભર ઉનારે લોકોન્ જબરું પૈણ ચડ' છ,
હારતોરા લૈન્ વાજતેગાજતે ઘોડે ચડ' છ,

રજાઓમ્ છોકરોંન્ લઇન્ જવાય કેમનું?
ગાડીમ્ ઊભા રે'વાનુંય બુકિંગ કઈ મડ' છ?

આખુ વરહ મોઢામ્ મગ ઓરી'ન્ તાકડે જ...
બોમણને મૂરત હરખુ બફારે જ જડ' છ,

ગોર ને દાગતરની આ મીલીભગત લાગ' છ,
કરાઈન્ લગન એ બધોયન્ મોંદા પાડ' છ.

આ ભર ઉનારે લોકોન્ જબરું પૈણ ચડ' છ!!!

~ધૃતિ...

Added by Dhruti Sanjiv on May 4, 2013 at 10:07am — 1 Comment

Blog Posts

परिक्षा

Posted by Hemshila maheshwari on March 10, 2024 at 5:19pm 0 Comments

होती है आज के युग मे भी परिक्षा !



अग्नि ना सही

अंदेशे कर देते है आज की सीता को भस्मीभूत !



रिश्तों की प्रत्यंचा पर सदा संधान लिए रहेता है वह तीर जो स्त्री को उसकी मुस्कुराहट, चूलबलेपन ओर सबसे हिलमिल रहेने की काबिलियत पर गडा जाता है सीने मे !



परीक्षा महज एक निमित थी

सीता की घर वापसी की !



धरती की गोद सदैव तत्पर थी सीताके दुलार करने को!

अब की कुछ सीता तरसती है माँ की गोद !

मायके की अपनी ख्वाहिशो पर खरी उतरते भूल जाती है, देर-सवेर उस… Continue

ग़ज़ल

Posted by Hemshila maheshwari on March 10, 2024 at 5:18pm 0 Comments

इसी बहाने मेरे आसपास रहने लगे मैं चाहता हूं कि तू भी उदास रहने लगे

कभी कभी की उदासी भली लगी ऐसी कि हम दीवाने मुसलसल उदास रहने लगे

अज़ीम लोग थे टूटे तो इक वक़ार के साथ किसी से कुछ न कहा बस उदास रहने लगे

तुझे हमारा तबस्सुम उदास करता था तेरी ख़ुशी के लिए हम उदास रहने लगे

उदासी एक इबादत है इश्क़ मज़हब की वो कामयाब हुए जो उदास रहने लगे

Evergreen love

Posted by Hemshila maheshwari on September 12, 2023 at 10:31am 0 Comments

*પ્રેમમય આકાંક્ષા*



અધૂરા રહી ગયેલા અરમાન

આજે પણ

આંટાફેરા મારતા હોય છે ,

જાડા ચશ્મા ને પાકેલા મોતિયાના

ભેજ વચ્ચે....



યથાવત હોય છે

જીવનનો લલચામણો સ્વાદ ,

બોખા દાંત ને લપલપતી

જીભ વચ્ચે



વીતી ગયો જે સમય

આવશે જરુર પાછો.

આશ્વાસનના વળાંકે

મીટ માંડી રાખે છે,

ઉંમરલાયક નાદાન મન



વળેલી કેડ ને કપાળે સળ

છતાંય

વધે ઘટે છે હૈયાની ધડક

એના આવવાના અણસારે.....



આંગણે અવસરનો માહોલ રચી

મૌન… Continue

जिन्दा हों तो जिंदगी कि मिसाल बनो

Posted by Pooja Yadav shawak on July 31, 2021 at 10:01am 0 Comments

जिन्दा हों तो जिंदगी कि मिसाल बनो

झूठ का साथी नहीं सच का सवाल बनो

यूँ तो जलती है माचिस कि तीलियाँ भी

बात तो तब है जब धहकती मशाल बनो



रोक लो तूफानों को यूँ बांहो में भींचकर

जला दो गम का लम्हा दिलों से खींचकर

कदम दर कदम और भी ऊँची उड़ान भरो

जिन्दा हों तो जिंदगी कि मिसाल बनो

झूठ का साथी नहीं सच का सवाल बनो



यूँ तो अक्सर बातें तुझ पर बनती रहेंगी

तोहमते तो फूल बनकर बरसा ही करेंगी

एक एक तंज पिरोकर जीत का हार करो

जिन्दा हों तो जिंदगी… Continue

No more pink

Posted by Pooja Yadav shawak on July 6, 2021 at 12:15pm 1 Comment

नो मोर पिंक

क्या रंग किसी का व्यक्तित्व परिभाषित कर सकता है नीला है तो लड़का गुलाबी है तो लड़की का रंग सुनने में कुछ अलग सा लगता है हमारे कानो को लड़कियों के सम्बोधन में अक्सर सुनने की आदत है.लम्बे बालों वाली लड़की साड़ी वाली लड़की तीख़े नयन वाली लड़की कोमल सी लड़की गोरी इत्यादि इत्यादि

कियों जन्म के बाद जब जीवन एक कोरे कागज़ की तरह होता हो चाहे बालक हो बालिका हो उनको खिलौनो तक में श्रेणी में बाँट दिया जता है लड़का है तो कार से गन से खेलेगा लड़की है तो गुड़िया ला दो बड़ी हुई तो डांस सिखा दो जैसे… Continue

यूँ ही मिल जाती जिंदगी तो क्या बात थी

Posted by Pooja Yadav shawak on June 25, 2021 at 10:04pm 0 Comments

यूँ ही मिल जाती जिंदगी तो क्या बात थी
मुश्किलों ने तुझे पाने के काबिल बना दिया
न रुलाती तू मुझे अगर दर्द मे डुबो डुबो कर
फिर खुशियों की मेरे आगे क्या औकात थी
तूने थपकियों से नहीं थपेड़ो से सहलाया है
खींचकर आसमान मुझे ज़मीन से मिलाया है
मेरी चादर से लम्बे तूने मुझे पैर तो दें डाले
चादर को पैरों तक पहुंचाया ये बड़ी बात की
यूँ ही मिल जाती जिंदगी तो क्या बात थी
मुश्किलों ने तुझे पाने के काबिल बना दिया
Pooja yadav shawak

Let me kiss you !

Posted by Jasmine Singh on April 17, 2021 at 2:07am 0 Comments

वो जो हँसते हुए दिखते है न लोग अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है पराये अहसासों को लफ़्ज देतें है खुद के दर्द पर खामोश रहते है जो पोछतें दूसरे के आँसू अक्सर खुद अँधेरे में तकिये को भिगोते है वो जो हँसते…

Posted by Pooja Yadav shawak on March 24, 2021 at 1:54pm 1 Comment

वो जो हँसते हुए दिखते है न लोग
अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है
पराये अहसासों को लफ़्ज देतें है
खुद के दर्द पर खामोश रहते है
जो पोछतें दूसरे के आँसू अक्सर
खुद अँधेरे में तकिये को भिगोते है
वो जो हँसते हुए दिखते है लोग
अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है

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