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जो रातें अकसर जागती हूँ तेरी यादों में उनका कहीं बहीखाता होगा क्या ..Ra$hi

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डायरी के कुछ पन्ने

डायरी के कुछ पन्नो को सादा छोड़ दिया सोचा जब तुम मिलोगे तो अपनी कहानी लिखेंगे ,वो डायरी के पन्ने आज भी तुम्हारी राह तक रहे हैं..Ra$hi...See More
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खिड़की पे बैठी सोचतीं हूँ अक्सर ,कभी कभी यूँ ही बहुत कुछ शुरू होता है.और अचानक ही यूँ ही ख़त्म ,बस फ़र्क़ इतना होता है जिसे आप अपनी पूरी दुनिया समझते हैं, उसने आपको कभी कुछ समझा ही नही होता ,बस अब सि…

खिड़की पे बैठी सोचतीं हूँ अक्सर ,कभी कभी यूँ ही बहुत कुछ शुरू होता है.और अचानक ही यूँ ही ख़त्म ,बस फ़र्क़ इतना होता है जिसे आप अपनी पूरी दुनिया समझते हैं, उसने आपको कभी कुछ समझा ही नही होता ,बस अब सिर्फ़ यादें ही तो हैं... बस यादें .. सिर्फ़ तुम्हारी यादें.....Ra$hiSee More
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जो रातें अकसर जागती हूँ तेरी यादों में उनका कहीं बहीखाता होगा क्या ..Ra$hi

Posted on September 19, 2020 at 9:44pm 0 Comments

जो रातें अकसर जागती हूँ तेरी यादों में उनका कहीं बहीखाता होगा क्या ..Ra$hi

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डायरी के कुछ पन्ने

Posted on September 17, 2020 at 11:11pm 0 Comments

डायरी के कुछ पन्नो को सादा छोड़ दिया
सोचा जब तुम मिलोगे तो अपनी कहानी लिखेंगे ,
वो डायरी के पन्ने आज भी तुम्हारी राह तक रहे हैं..
Ra$hi...

खिड़की पे बैठी सोचतीं हूँ अक्सर ,कभी कभी यूँ ही बहुत कुछ शुरू होता है.और अचानक ही यूँ ही ख़त्म ,बस फ़र्क़ इतना होता है जिसे आप अपनी पूरी दुनिया समझते हैं, उसने आपको कभी कुछ समझा ही नही होता ,बस अब सि…

Posted on September 1, 2020 at 4:09pm 0 Comments

खिड़की पे बैठी सोचतीं हूँ अक्सर ,कभी कभी यूँ ही बहुत कुछ शुरू होता है.और अचानक ही यूँ ही ख़त्म ,बस फ़र्क़ इतना होता है जिसे आप अपनी पूरी दुनिया समझते हैं, उसने आपको कभी कुछ समझा ही नही होता ,बस अब सिर्फ़ यादें ही तो हैं... बस यादें .. सिर्फ़ तुम्हारी यादें.....Ra$hi…

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શું? આ છે જિંદગી !

Posted by Sonu on October 15, 2020 at 7:36pm 0 Comments

મૃગ તરસે જળ દોડી દોડી હાથધર્યું ઝાંઝવાનીર, માનવ ભૂખ્યો પ્રેમનો મથામણ કરી પામ્યો વહેમ 

શું? આ છે જિંદગી !

રોણુ જન્મ ને મરણ સમયે સમાન મનોવ્યથા, આંતરીક ગુપશુપ ચાલી રહી ભીતર

શુ ? આ છે જિંદગી !

રાજકુમારો ને મહેલોના સપનામાં  રાચતા, આંખો ખુલી અરે ! આતો મૃગજળસમું સ્વપ્નલોક

શુ? આ છે જિંદગી !

મુખપર હસી ઠીઠોલી, મનમાં કરોડો તરંગ ઉછળે! વિચારે તો જાણે ઘેરો ઘાલ્યો

શુ? આ છે જિંદગી !

ભોરથતા આશબંધણીકાલે નહીતો આજે, હશે પિયુ સંગ સ્નેહમિલન પણ આતો…

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तुझको लिखती रहूंगी मैं !

Posted by Jasmine Singh on October 15, 2020 at 1:22am 0 Comments

तुझे लिखती रहूंगी मैं

तेरे प्यार की स्याही में

अपनी कलम को डुबो कर

इस ज़िंदगी के पन्नों पे

तेरे साथ जिये लम्हों को

कविताओं में बुनकर

तुझको लिखती रहूंगी मैं

तुझको जीती रहूंगी मैं

तू वो है जो मेरे साथ है

और मेरे बाद भी रहेगा

कभी किसी के होठों में हंसेगा

किसी की आंखों से बहेगा

किसी अलमारी के पुराने

दराज की खुशबु में महकेगा

किसी की आंखों की गहराई

जब जब मेरे शब्दों में उतरेगी

तब तब मेरे बाद तुझे पढ़ने वालों के…

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इल्ज़ाम ए इश्क़

Posted by Monica Sharma on October 14, 2020 at 9:12pm 0 Comments

धीरे-धीरे सब दूर होते गए

वक़्त के आगे मजबूर होते गए

रिश्तों में हमने ऐसी चोट खाई की

बस हम बेवफ़ा और सब बेकसूर होते गए

इल्ज़ामों की श्रृंखला बड़ी लंबी थी साहेब

वो लगाते गए हम मुस्कुराते गए

अपनी झुकी हुई भीगी पलकों के नीचे

जख्म ए इश्क़ हम छुपाते चले गए

बरसों किया इंतजार हमने

तेरी मीठी सी मुस्कान का

पर बेरहम तुम नजरों से

कत्ल करने को खंजर चलाते गए

जिक्र ए इश्क़ जो कभी सुनाई दे

जुबां पे तेरा नाम और

नज़रों में तेरा अक्स दिखाई…

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आसमान से ऊंचा

Posted by Sakshi garg on October 14, 2020 at 10:16am 1 Comment

अक्सर सिर की छत बन कर धूप और बारिश से बचा लेता है पिता...

यूं ही नहीं उसे आसमान से भी ऊंचा कहते ।

दो बातें

Posted by Sakshi garg on October 14, 2020 at 10:13am 0 Comments

कुछ बातें इन दो कारणों से भी तकलीफ दे देती हैं : 

1• काश ! ये सब सच होता ।;

2• काश ! ये सब झूठ होता ।

पिता

Posted by Sakshi garg on October 10, 2020 at 9:02pm 0 Comments

मुझे रखा छांव में, खुद जलते रहे धूप में...

हां मैंने देखा है फरिश्ता अपने पिता के रूप में ।।

भ्रम

Posted by Monica Sharma on October 5, 2020 at 11:27pm 0 Comments

बड़ा गुरूर था हमें अपनी मोहब्बत पर
भ्रम तो तब टूटा जब तेरे वजूद में
अपने लिए जगह भी न मिली
सोचा था तेरे दिल में जगह बना ली है
हकीकत तो तेरी यादों में भी ना थे हम
बड़े बड़े तूफ़ान ना हिला सके हमें
तेरी ख़ामोशी ने झकझोर दिया
उम्मीद न रही तेरे प्यार की जब
लगा जैसे अपनों ने ही मुंह मोड़ लिया
जी रहे थे जिंदगी किसी भ्रम में हम
अब तो उस भ्रम ने भी साथ छोड़ दिया

मुझे दुख है !

Posted by Jasmine Singh on October 3, 2020 at 12:41am 0 Comments

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