Akoopar

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અકૂપાર... મોટાભાગની નોવેલોમાં મુખ્ય પાત્ર તરીકે માણસો હોય છે પરંતુ આ નોવેલમાં મુખ્ય પાત્ર “ગીર” છે. એવી જગ્યા કે જ્યાં જંગલનાં રાજાના ડેરાઓ અને ગર્જનાઓ સિવાય બીજું ઘણું બધું છે. પ્રકૃતિનું દરેક તત્વ, દરેક ભાગ અહીં ધબકે છે, જીવે છે. “ઈના ડુંગરા રૂપાળા અને સ્હિંણ તે સખી જણી..” – આ છે ગીર !! આ સફર છે એક અનામ ચિત્રકારની ! જે “પૃથ્વી” તત્વનાં ચિત્રો બનાવા ગીર પહોંચે છે. શરૂઆતમાં તે અસમંજસમાં હોય છે કે તે ગીર શું કામ આવ્યો છે પરંતુ ધીરે ધીરે ગીરમાં ઘૂમતાં, તેની વનરાજીઓ, કંદરાઓ ખૂંદતા તે પોતાની જાતને ખૂંદી વળે છે. ગીરનાં સાવજો, ડુંગરાં, માલધારીઓ, નેસ, સિંહ પર રીસર્ચ કરતી આફ્રિકન ડોરોથી, માછીઓ, કેમ્પમાં આવતાં બાળકો, સિંહણો સાથે ઉછરેલી, રમતી અને સિંહણોને સખી ગણી હક કરતી સાંસાઈ અને આ સૌની સાથે સોરઠી ભાષાઓની મીઠાસ..! એક એવો અનુભવ કે જે વાંચતાં જ એ અજાણી ભોમકા માટે લાગણી થઈ જાય. “ગીર એ ગીર છે, જાગીર નથી”- વાંચી મેઘાણીની ચારણકન્યા દેકારો દેતી સંભળાય! અને આ દેકારાનાં પ્રતિભાવ આપવા આ નવલકથા વાંચવી પડે. ખમ્માં ગ્યર ને !! 

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Comment by Rajnikant Shah on April 19, 2015 at 10:17am

i read this in 'navneet samarpan ' i saw the play based on the novel [ directed by aditi desai] 

the play was excellent. of course the book is excellent too. 

Comment by Bharat Acharya on April 19, 2015 at 8:17am

very nice ,thanks for gir information

Comment by Niraj Shah on April 18, 2015 at 7:52pm
Books are a wonderful friends.. they can available in weekdays :)

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जिन्दा हों तो जिंदगी कि मिसाल बनो

Posted by Pooja Yadav shawak on July 31, 2021 at 10:01am 0 Comments

जिन्दा हों तो जिंदगी कि मिसाल बनो

झूठ का साथी नहीं सच का सवाल बनो

यूँ तो जलती है माचिस कि तीलियाँ भी

बात तो तब है जब धहकती मशाल बनो



रोक लो तूफानों को यूँ बांहो में भींचकर

जला दो गम का लम्हा दिलों से खींचकर

कदम दर कदम और भी ऊँची उड़ान भरो

जिन्दा हों तो जिंदगी कि मिसाल बनो

झूठ का साथी नहीं सच का सवाल बनो



यूँ तो अक्सर बातें तुझ पर बनती रहेंगी

तोहमते तो फूल बनकर बरसा ही करेंगी

एक एक तंज पिरोकर जीत का हार करो

जिन्दा हों तो जिंदगी… Continue

No more pink

Posted by Pooja Yadav shawak on July 6, 2021 at 12:15pm 1 Comment

नो मोर पिंक

क्या रंग किसी का व्यक्तित्व परिभाषित कर सकता है नीला है तो लड़का गुलाबी है तो लड़की का रंग सुनने में कुछ अलग सा लगता है हमारे कानो को लड़कियों के सम्बोधन में अक्सर सुनने की आदत है.लम्बे बालों वाली लड़की साड़ी वाली लड़की तीख़े नयन वाली लड़की कोमल सी लड़की गोरी इत्यादि इत्यादि

कियों जन्म के बाद जब जीवन एक कोरे कागज़ की तरह होता हो चाहे बालक हो बालिका हो उनको खिलौनो तक में श्रेणी में बाँट दिया जता है लड़का है तो कार से गन से खेलेगा लड़की है तो गुड़िया ला दो बड़ी हुई तो डांस सिखा दो जैसे… Continue

यूँ ही मिल जाती जिंदगी तो क्या बात थी

Posted by Pooja Yadav shawak on June 25, 2021 at 10:04pm 0 Comments

यूँ ही मिल जाती जिंदगी तो क्या बात थी
मुश्किलों ने तुझे पाने के काबिल बना दिया
न रुलाती तू मुझे अगर दर्द मे डुबो डुबो कर
फिर खुशियों की मेरे आगे क्या औकात थी
तूने थपकियों से नहीं थपेड़ो से सहलाया है
खींचकर आसमान मुझे ज़मीन से मिलाया है
मेरी चादर से लम्बे तूने मुझे पैर तो दें डाले
चादर को पैरों तक पहुंचाया ये बड़ी बात की
यूँ ही मिल जाती जिंदगी तो क्या बात थी
मुश्किलों ने तुझे पाने के काबिल बना दिया
Pooja yadav shawak

Let me kiss you !

Posted by Jasmine Singh on April 17, 2021 at 2:07am 0 Comments

वो जो हँसते हुए दिखते है न लोग अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है पराये अहसासों को लफ़्ज देतें है खुद के दर्द पर खामोश रहते है जो पोछतें दूसरे के आँसू अक्सर खुद अँधेरे में तकिये को भिगोते है वो जो हँसते…

Posted by Pooja Yadav shawak on March 24, 2021 at 1:54pm 1 Comment

वो जो हँसते हुए दिखते है न लोग
अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है
पराये अहसासों को लफ़्ज देतें है
खुद के दर्द पर खामोश रहते है
जो पोछतें दूसरे के आँसू अक्सर
खुद अँधेरे में तकिये को भिगोते है
वो जो हँसते हुए दिखते है लोग
अक्सर वो कुछ तन्हा से होते है

Continue

मेरी जिंदगी

Posted by Monica Sharma on March 23, 2021 at 11:54am 0 Comments

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